प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में हर महीने सिर्फ ₹55 जमा कर असंगठित क्षेत्र के श्रमिक 60 साल की उम्र के बाद ₹3000 मासिक पेंशन पा सकते हैं। जानिए कौन ले सकता है फायदा और क्या हैं नियम।
असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले करोड़ों श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार की “प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना” एक बड़ी राहत मानी जा रही है। इस योजना के तहत 60 साल की उम्र के बाद हर महीने ₹3000 पेंशन देने का प्रावधान है। खास बात यह है कि इसमें शुरुआती उम्र में जुड़ने पर सिर्फ ₹55 महीने से निवेश शुरू किया जा सकता है नई दिल्ली से संचालित इस योजना का उद्देश्य ऐसे मजदूरों और कामगारों को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा देना है, जिनके पास नियमित पेंशन या सामाजिक सुरक्षा का कोई साधन नहीं होता। यही वजह है कि हाल के दिनों में यह स्कीम फिर चर्चा में आ गई है।
किन लोगों को मिलेगा योजना का फायदा?
यह योजना खासतौर पर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए बनाई गई है। इसमें रेहड़ी-पटरी वाले, रिक्शा चालक, घरेलू कामगार, निर्माण मजदूर, दर्जी, प्लंबर, ड्राइवर, मोची, धोबी, कृषि मजदूर और बीड़ी मजदूर जैसे कई वर्ग शामिल हैं। हालांकि, योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें भी तय की गई हैं। आवेदक की मासिक आय ₹15 हजार से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। साथ ही उसकी उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी जरूरी है अब समझिए कि यह योजना आम लोगों के लिए क्यों अहम है। देश के बड़े हिस्से में आज भी करोड़ों लोग ऐसे हैं जिनके पास रिटायरमेंट के बाद आय का कोई स्थायी साधन नहीं होता। ऐसे में यह योजना न्यूनतम पेंशन सुरक्षा देने की कोशिश करती है।
कितनी उम्र में कितना पैसा जमा करना होगा?
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में योगदान उम्र के हिसाब से तय किया गया है। जितनी कम उम्र में योजना से जुड़ेंगे, उतना कम मासिक निवेश करना होगा। उदाहरण के तौर पर
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18 साल की उम्र में जुड़ने पर ₹55 महीना
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25 साल की उम्र में ₹80 महीना
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30 साल की उम्र में ₹105 महीना
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40 साल की उम्र में ₹200 महीना जमा करना होगा
60 साल की उम्र पूरी होने के बाद लाभार्थी को हर महीने ₹3000 पेंशन मिलती है।
योजना में सरकार भी देती है योगदान
दरअसल, इस योजना की सबसे खास बात यही है कि जितना पैसा लाभार्थी जमा करता है, उतना ही योगदान केंद्र सरकार भी करती है। यानी अगर कोई व्यक्ति ₹100 जमा करता है, तो सरकार भी उसके खाते में ₹100 जोड़ती है यही कारण है कि इसे कम आय वाले लोगों के लिए एक किफायती पेंशन योजना माना जाता है। हालांकि, अगर कोई व्यक्ति बीच में योजना छोड़ना चाहता है, तो उसके लिए भी अलग नियम तय किए गए हैं। 10 साल से पहले बाहर निकलने पर केवल जमा राशि और बैंक ब्याज मिलता है, जबकि 10 साल बाद बाहर निकलने पर ब्याज के साथ राशि लौटाई जाती है।
सदस्य की मौत होने पर क्या होगा?
योजना में पारिवारिक सुरक्षा का भी प्रावधान रखा गया है। अगर किसी सदस्य की 60 साल से पहले मृत्यु हो जाती है, तो उसका जीवनसाथी योजना को आगे जारी रख सकता है वहीं, पेंशन शुरू होने के बाद सदस्य की मौत होने पर नॉमिनी को 50% फैमिली पेंशन मिलती है। ऐसे में यह योजना सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि परिवार की सुरक्षा से भी जुड़ी मानी जा रही है।
कौन लोग इस योजना का लाभ नहीं ले सकते?
अगर कोई व्यक्ति पहले से EPFO, ESIC या NPS जैसी सरकारी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़ा है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं ले सकता। इसके अलावा इनकम टैक्स भरने वाले लोग भी इसके दायरे से बाहर रखे गए हैं यानी यह योजना मुख्य रूप से उन लोगों के लिए बनाई गई है जो असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं और जिनके पास भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सीमित है।
आवेदन कैसे करें?
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में आवेदन के लिए नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जाना होगा। वहां आधार कार्ड, बैंक अकाउंट या जनधन खाते की जानकारी देनी होगी, रजिस्ट्रेशन के दौरान नॉमिनी भी जोड़ा जा सकता है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद श्रम योगी कार्ड जारी किया जाता है। फिलहाल, बढ़ती महंगाई और असंगठित क्षेत्र में रोजगार की अनिश्चितता के बीच यह योजना छोटे निवेश के जरिए भविष्य सुरक्षित करने का विकल्प बनकर सामने आ रही है।