Breaking News
  • स्वदेश के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ें और हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं।
  • YouTube: @SwadeshNews, Facebook: @DainikSwadesh, Instagram: @swadesh_news1, X: @DainikSwadesh

होम > यूटिलिटी > बिज़नेस

NSE Pre-Open Rules Change From Sept 7

NSE Pre-Open Rules: 7 सितंबर से शेयर बाजार खुलने से पहले बदल जाएंगे ये 6 नियम

7 सितंबर से NSE के प्री-ओपन सेशन में 6 बड़े बदलाव लागू होंगे। 9:05 बजे के बाद मार्केट ऑर्डर नहीं चलेगा और ऑर्डर कलेक्शन रैंडम तरीके से बंद होगा।


nse pre-open rules 7 सितंबर से शेयर बाजार खुलने से पहले बदल जाएंगे ये 6 नियम

Share Market Opening Rules |

बिजनेस। शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वाले निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए 7 सितंबर 2026 से एक अहम बदलाव लागू होने जा रहा है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE अपने रेगुलर प्री-ओपन मार्केट सेशन की ऑर्डर एंट्री और मैचिंग व्यवस्था में बदलाव कर रहा है। ऐसे में सोमवार सुबह बाजार खुलने से पहले ट्रेडर्स को नए नियमों की जानकारी होना जरूरी है। NSE का प्री-ओपन सेशन पहले की तरह सुबह 9:00 बजे से 9:15 बजे तक रहेगा, लेकिन इस 15 मिनट की अवधि में ऑर्डर लगाने और उन्हें मैच करने का तरीका बदला जाएगा।

 सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि मार्केट ऑर्डर सिर्फ सुबह 9:00 बजे से 9:05 बजे तक ही स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद यानी 9:05 बजे से प्री-ओपन ऑर्डर कलेक्शन के अगले चरण में केवल लिमिट ऑर्डर लगाए, बदले या कैंसिल किए जा सकेंगे। साथ ही इस चरण के अंत में NSE सिस्टम-ड्रिवन रैंडम क्लोजर लागू करेगा।

9:00 से 9:15 बजे तक कैसे चलेगा नया सिस्टम?

नए सिस्टम के तहत प्री-ओपन सेशन को अलग-अलग चरणों में बांटा गया है। इसका सीधा असर उन ट्रेडर्स पर पड़ेगा जो प्री-ओपन ऑक्शन में मार्केट ऑर्डर के जरिए हिस्सा लेते हैं। सुबह 9:00 से 9:05 बजे तक मार्केट और लिमिट, दोनों तरह के ऑर्डर लगाए जा सकेंगे। इस दौरान ट्रेडर्स अपने ऑर्डर में बदलाव या उसे कैंसिल भी कर सकेंगे। 9:05 बजे के बाद मार्केट ऑर्डर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इस चरण में सिर्फ लिमिट ऑर्डर की अनुमति होगी। अगर इस दौरान कोई मार्केट ऑर्डर एक्सचेंज को भेजा जाता है तो उसे उचित एरर मैसेज के साथ रिजेक्ट कर दिया जाएगा।

इसके बाद ऑर्डर कलेक्शन विंडो का क्लोजिंग टाइम निश्चित नहीं होगा। **सुबह 9:08 बजे से 9:10 बजे के बीच सिस्टम रैंडम तरीके से ऑर्डर कलेक्शन बंद कर सकता है।** यानी ट्रेडर्स को पहले से तय आखिरी सेकंड का इंतजार करने की रणनीति छोड़नी होगी।

7 सितंबर से NSE में ये 6 बदलाव

1.9:00 से 9:05 बजे तक: मार्केट और लिमिट दोनों ऑर्डर स्वीकार होंगे।
2.9:05 बजे के बाद: केवल लिमिट ऑर्डर लगाए, बदले या कैंसिल किए जा सकेंगे।
3.9:08 से 9:10 बजे के बीच: ऑर्डर कलेक्शन रैंडम तरीके से बंद होगा।
4.9:10 से 9:12 बजे तक: ऑर्डर मैचिंग होगी और ओपनिंग प्राइस तय किया जाएगा।
5.9:12 से 9:15 बजे तक: सामान्य कारोबार शुरू होने से पहले बफर पीरियड रहेगा।
6.9:15 बजे: शेयर बाजार में नियमित ट्रेडिंग शुरू होगी।

ऑर्डर मैचिंग का तरीका भी समझना जरूरी

नए मैकेनिज्म में प्री-ओपन ऑक्शन के दौरान योग्य ऑर्डर्स की मैचिंग एक तय प्राथमिकता के आधार पर होगी। पहले योग्य मार्केट ऑर्डर्स को समय की प्राथमिकता के आधार पर दूसरे योग्य मार्केट ऑर्डर्स के साथ मैच किया जाएगा। इसके बाद बचे हुए मार्केट ऑर्डर्स को लिमिट ऑर्डर्स के साथ मैच किया जाएगा। अंत में शेष लिमिट ऑर्डर्स की मैचिंग कीमत और समय की प्राथमिकता के आधार पर होगी। इस पूरी प्रक्रिया के बाद जिस कीमत पर डिमांड और सप्लाई का संतुलन बनता है, उसी इक्विलिब्रियम प्राइस पर ट्रेड पूरे होंगे। यही कीमत बाजार की शुरुआती यानी ओपनिंग प्राइस तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।

आखिर NSE ने क्यों बदला प्री-ओपन सेशन?

प्री-ओपन सिस्टम में बदलाव का उद्देश्य ओपनिंग प्राइस तय करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करना और किसी अनुमानित अंतिम समय को ध्यान में रखकर बनाई जाने वाली ऑर्डर रणनीतियों की गुंजाइश को कम करना है। रैंडम क्लोजर की वजह से ट्रेडर्स को यह पता नहीं होगा कि ऑर्डर कलेक्शन वास्तव में किस क्षण बंद होगा। इसलिए आखिरी समय में ऑर्डर लगाने या उसमें बदलाव करने की रणनीति जोखिम भरी हो सकती है। विशेष रूप से वे ट्रेडर्स जो मार्केट ऑर्डर के जरिए प्री-ओपन ऑक्शन में भाग लेते हैं, उन्हें 9:05 बजे की कट-ऑफ का ध्यान रखना होगा।

ट्रेडर्स के लिए क्या बदलेगा?

सोमवार से ट्रेडर्स को प्री-ओपन में ऑर्डर लगाने से पहले अपनी रणनीति और लिमिट प्राइस पर ज्यादा ध्यान देना होगा। अगर किसी ट्रेडर को मार्केट ऑर्डर के जरिए प्री-ओपन ऑक्शन में हिस्सा लेना है तो उसे शुरुआती पांच मिनट के भीतर ही ऑर्डर देना होगा। दूसरे चरण में मार्केट ऑर्डर की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी। साथ ही रैंडम क्लोजर की वजह से 9:08 से 9:10 बजे के बीच किसी भी समय ऑर्डर कलेक्शन बंद हो सकता है। इसलिए ट्रेडर्स के लिए बेहतर होगा कि वे बाजार खुलने से पहले अपने ब्रोकर के ऑर्डर इंटरफेस और नए नियमों के मुताबिक उपलब्ध विकल्पों को अच्छी तरह जांच लें।

## IPO वाले स्पेशल प्री-ओपन से अलग है यह बदलाव

यहां एक बात समझना जरूरी है कि NSE के रेगुलर प्री-ओपन सेशन में किया गया यह बदलाव हर तरह के प्री-ओपन सेशन पर लागू नहीं माना जाना चाहिए। IPO और दोबारा लिस्ट होने वाली कुछ सिक्योरिटीज के लिए NSE का **स्पेशल प्री-ओपन सेशन** अलग व्यवस्था के तहत चलता है। उसमें ऑर्डर एंट्री का समय सुबह 9:00 बजे से 9:45 बजे तक होता है और उसके बाद मैचिंग तथा बफर पीरियड आता है। इस विशेष सेशन में केवल लिमिट ऑर्डर स्वीकार किए जाते हैं। यानी 7 सितंबर से होने वाला बदलाव मुख्य रूप से **रेगुलर प्री-ओपन मार्केट सेशन** की व्यवस्था से जुड़ा है।

### निवेशकों के लिए सबसे अहम बात

नए नियमों में सबसे महत्वपूर्ण टाइमिंग **सुबह 9:05 बजे** है। इस समय के बाद प्री-ओपन में मार्केट ऑर्डर नहीं चलेगा। वहीं ऑर्डर कलेक्शन का रैंडम क्लोजर ट्रेडर्स को अंतिम क्षण पर निर्भर रहने से रोकेगा। इसलिए सोमवार से प्री-ओपन ट्रेडिंग करने वालों को पुराने नियमों के बजाय NSE की नई टाइमिंग और ऑर्डर प्रक्रिया के हिसाब से अपनी रणनीति बनानी होगी।

Related to this topic: