भारत में 5Kg LPG सिलेंडर अब बिना एड्रेस प्रूफ के मिलेगा। जानें नई गाइडलाइन, किसे फायदा, और गैस सप्लाई को लेकर सरकार का क्या कहना है।
नई दिल्ली: देश में एलपीजी गैस को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब 5 किलो वाले LPG सिलेंडर को खरीदने के लिए एड्रेस प्रूफ देना अनिवार्य नहीं होगा। सरकार के मुताबिक, केवल वैध पहचान पत्र (ID) दिखाकर यह सिलेंडर आसानी से खरीदा जा सकेगा।
सरकार का बड़ा फैसला, आम लोगों को राहत
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि 5 किलो के FTL (Free Trade LPG) सिलेंडर देशभर में उपलब्ध हैं। इन्हें लेने के लिए उपभोक्ताओं को केवल कोई भी वैध पहचान पत्र दिखाना होगा। एड्रेस प्रूफ की शर्त पूरी तरह खत्म कर दी गई है। यह फैसला खासतौर पर उन लोगों के लिए राहत भरा है, जो किराए पर रहते हैं या जिनके पास स्थानीय पते का प्रमाण नहीं होता।
प्रवासी मजदूरों और गरीब वर्ग को फायदा
सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का सबसे ज्यादा फायदा प्रवासी मजदूरों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को मिलेगा। ऐसे लोग अक्सर एड्रेस प्रूफ के अभाव में गैस कनेक्शन नहीं ले पाते थे। आंकड़ों के मुताबिक, 23 मार्च से अब तक करीब 5.7 लाख 5Kg सिलेंडर बेचे जा चुके हैं। हाल ही में एक दिन में 71 हजार से ज्यादा यूनिट की बिक्री दर्ज की गई।
LPG की कमी की खबरों पर सरकार का बयान
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच देश में LPG की कमी की खबरें सामने आई थीं। हालांकि सरकार ने इन खबरों को अफवाह बताया है। मंत्रालय ने कहा कि देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। सभी पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियां सामान्य रूप से काम कर रही हैं। लोगों से घबराकर अतिरिक्त खरीदारी न करने की अपील भी की गई है।
सप्लाई मजबूत करने के लिए उठाए कदम
सरकार ने गैस सप्लाई को स्थिर बनाए रखने के लिए कई कदम उठाए हैं। रिफाइनरियों को पूरी क्षमता से चलाया जा रहा है और घरेलू उत्पादन बढ़ाया गया है। अस्पतालों और जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इसके अलावा PNG, केरोसिन और बिजली जैसे वैकल्पिक ईंधनों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती
सरकार ने LPG की जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। देशभर में 3,700 से ज्यादा स्थानों पर छापेमारी की गई है। दोषी डिस्ट्रीब्यूटर्स के लाइसेंस तक रद्द किए गए हैं। नई गाइडलाइन के बाद उम्मीद है कि छोटे सिलेंडर की उपलब्धता और पहुंच दोनों बेहतर होगी, जिससे आम उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा।