नकली चांदी से बचने के आसान तरीके जानें। हॉलमार्क, चुंबक टेस्ट, रंग और बर्फ ट्रिक से मिनटों में असली चांदी की पहचान करें।
सोने और चांदी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बीच बाजार में नकली चांदी की बिक्री के मामले भी बढ़ते जा रहे हैं। कई बार सामान्य चमक देखकर लोग असली समझकर खरीदारी कर लेते हैं और बाद में ठगी का शिकार हो जाते हैं। ऐसे में चांदी खरीदने से पहले उसकी शुद्धता की जांच करना बेहद जरूरी हो गया है।
विशेषज्ञों के अनुसार नकली चांदी में अक्सर एल्युमिनियम या अन्य धातुएं मिलाकर ऊपर से सिल्वर कोटिंग की जाती है, जिससे वह देखने में असली जैसी लगती है।
हॉलमार्क से करें पहचान
असली चांदी की सबसे भरोसेमंद पहचान उसका हॉलमार्क होता है। BIS Hallmark द्वारा प्रमाणित चांदी पर 925 जैसे शुद्धता अंक दर्ज होते हैं। इसके अलावा 800, 835, 958, 999 जैसे ग्रेड भी मिलते हैं। असली चांदी पर “SILVER” के साथ HUID कोड भी मौजूद रहता है।
चुंबक टेस्ट
चांदी की पहचान का आसान तरीका चुंबक परीक्षण है। असली चांदी चुंबक से नहीं चिपकती, जबकि नकली धातु तुरंत आकर्षित हो सकती है। अगर चुंबक पास लाने पर धातु प्रतिक्रिया देती है, तो यह नकली होने का संकेत है।
रंग और ऑक्सीकरण जांच
असली चांदी समय के साथ हवा और नमी के कारण हल्की काली पड़ सकती है, लेकिन सफाई करने पर उसकी चमक वापस आ जाती है। नकली चांदी में यह प्रक्रिया नहीं होती और उसकी चमक स्थायी रूप से फीकी पड़ जाती है।
बर्फ टेस्ट (Ice Test)
चांदी की एक खास वैज्ञानिक विशेषता होती है। यह गर्मी को तेजी से ट्रांसफर करती है। दरअसल, जब चांदी पर बर्फ रखी जाती है तो वह तेजी से पिघलने लगती है। यह संकेत है कि धातु असली है। वहीं, नकली धातुओं में बर्फ धीरे-धीरे पिघलती है क्योंकि वे गर्मी का संचरण धीमी गति से करती हैं।
सावधानी जरूरी
बाजार में बढ़ते ठगी के मामलों को देखते हुए विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि चांदी खरीदते समय हमेशा प्रमाणित ज्वेलर्स से ही खरीदारी करें और हॉलमार्क की जांच जरूर करें। सही जानकारी और सतर्कता से ही आप नकली चांदी से बच सकते हैं और अपनी मेहनत की कमाई सुरक्षित रख सकते हैं।