आपातकाल के दौरान जेल में बंद श्री कृष्णकुमार अष्ठाना ने लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की। उनका जीवन और संघर्ष आज भी लोकतंत्र और समाजसेवा के लिए प्रेरणा बना हुआ है।
स्वदेश डेस्क
2026-08-08 11:33:10