आपातकाल के दौरान गुना के कन्हैयालाल रजक ने जेल में यातनाएं झेलीं, लेकिन अपने विचारों से समझौता नहीं किया। पढ़िए संघर्ष, भूख और लोकतंत्र की यह मार्मिक कहानी।
स्वदेश डेस्क
2026-05-02 10:51:48