रेस्टोरेंट में QR Code स्कैन कर मेनू देखना अब जोखिम भरा हो सकता है। साइबर एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि एक गलती से मोबाइल नंबर, ईमेल और बैंकिंग डेटा तक लीक हो सकता है।
रेस्टोरेंट और कैफे में QR Code स्कैन करके मेनू देखना अब आम बात बन चुकी है। लोग टेबल पर रखा कोड स्कैन करते हैं और कुछ सेकंड में पूरा मेनू मोबाइल स्क्रीन पर खुल जाता है। लेकिन यही आसान सुविधा अब साइबर फ्रॉड का नया रास्ता भी बनती दिख रही है।
हाल ही में सामने आए एक मामले ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुणे की एक महिला इंफ्लुएंसर ने रेस्टोरेंट में QR Code स्कैन करके डिजिटल मेनू देखा था। इसके कुछ समय बाद उसे अनजान नंबरों से लगातार कॉल और मैसेज आने लगे। जांच में पता चला कि उसका मोबाइल नंबर गलत हाथों तक पहुंच गया था। अब यही सवाल उठ रहा है कि क्या सिर्फ QR Code स्कैन करने से आपका निजी डेटा खतरे में पड़ सकता है?
QR Code स्कैन करते ही कैसे लीक हो सकता है डेटा?
साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कई रेस्टोरेंट डिजिटल मेनू के लिए थर्ड पार्टी प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। जब यूजर QR Code स्कैन करता है, तो कई वेबसाइट्स मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, लोकेशन और डिवाइस की जानकारी मांगती हैं।
यहीं सबसे बड़ी गलती हो जाती है। ज्यादातर लोग बिना पढ़े ‘Allow’ या ‘Continue’ पर क्लिक कर देते हैं। ऐसे में उनकी निजी जानकारी सीधे सर्वर पर सेव हो जाती है। अगर डेटा सिक्योरिटी कमजोर हो, तो यह जानकारी गलत लोगों तक पहुंच सकती है।
दरअसल, कुछ मामलों में फर्जी QR Codes भी लगाए जाते हैं। ये दिखने में बिल्कुल असली लगते हैं, लेकिन स्कैन करते ही यूजर नकली वेबसाइट पर पहुंच जाता है। वहां बैंकिंग डिटेल्स, OTP या दूसरी संवेदनशील जानकारी चोरी होने का खतरा बढ़ जाता है।
Public Wi-Fi के साथ खतरा क्यों बढ़ जाता है?
रेस्टोरेंट में बैठकर लोग अक्सर Free Wi-Fi भी इस्तेमाल करते हैं। साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स मानते हैं कि पब्लिक Wi-Fi नेटवर्क पूरी तरह सुरक्षित नहीं होते।
अगर कोई यूजर ऐसे नेटवर्क पर QR Code स्कैन करने के बाद बैंकिंग ऐप, UPI या निजी अकाउंट्स खोलता है, तो हैकर्स डेटा ट्रैक करने की कोशिश कर सकते हैं। यही वजह है कि साइबर अपराधी अब भीड़भाड़ वाली जगहों और फ्री इंटरनेट नेटवर्क को ज्यादा निशाना बना रहे हैं।
फिलहाल QR Code फ्रॉड के मामले तेजी से चर्चा में हैं, क्योंकि डिजिटल पेमेंट और कॉन्टैक्टलेस सर्विस का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है।
QR Code Scam से कैसे बच सकते हैं?
QR Code स्कैन करने से पहले यह जरूर जांच लें कि वह असली दिख रहा है या उसके ऊपर कोई अलग स्टिकर चिपकाया गया है। अगर कुछ संदिग्ध लगे तो उसे स्कैन करने से बचें।
सिर्फ मेनू देखने के लिए मोबाइल नंबर या ईमेल देना जरूरी नहीं होता। ऐसे में बिना जरूरत निजी जानकारी शेयर न करें।
अगर QR Code स्कैन करने के बाद कोई अजीब वेबसाइट खुले, बार-बार परमिशन मांगे या संदिग्ध लिंक दिखाई दे, तो तुरंत उसे बंद कर दें।
इसके अलावा पब्लिक Wi-Fi इस्तेमाल करते समय बैंकिंग या पेमेंट से जुड़े काम करने से बचना चाहिए। साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि छोटी सी सावधानी बड़ी ऑनलाइन ठगी से बचा सकती है।
क्यों बढ़ रहा है QR Code Fraud का खतरा?
डिजिटल इंडिया और ऑनलाइन पेमेंट के बढ़ते इस्तेमाल ने QR Codes को बेहद लोकप्रिय बना दिया है। लेकिन इसी तेजी का फायदा साइबर ठग भी उठा रहे हैं। लोग सुविधा के चक्कर में जल्दीबाजी में स्कैन कर लेते हैं और कई बार यह नहीं देखते कि वेबसाइट सुरक्षित है या नहीं।
यही कारण है कि अब साइबर विशेषज्ञ हर यूजर को ‘स्कैन करने से पहले सोचें’ की सलाह दे रहे हैं। क्योंकि एक गलत क्लिक सिर्फ फोन नंबर ही नहीं, बल्कि आपकी निजी जानकारी और बैंक अकाउंट तक को खतरे में डाल सकता है।