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पश्चिम बंगाल का नाम बांग्ला करने में केन्द्र ने जताया ऐतराज

पश्चिम बंगाल का नाम बांग्ला करने में केन्द्र ने जताया ऐतराज
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नई दिल्ली/स्वदेश वेब डेस्क। तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष व पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य का नाम पश्चिम बंगाल से बदलकर बांग्ला रखने का प्रस्ताव केन्द्र की मोदी सरकार के पास भेजा है। लेकिन केन्द्र सरकार इसमें अड़ंगा लगा रही है। इसको लेकर ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव में भाजपा व केन्द्र सरकार के विरूद्ध मुद्दा बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

इस बारे में तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व सांसद सौगत राय का कहना है कि जब पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य का नाम पश्चिम बंगाल की जगह बांग्ला करने का प्रस्ताव पास करके केन्द्र सरकार के पास मंजूरी के लिए भेज दिया है, तो केन्द्र की मोदी सरकार को अड़ंगा नहीं लगाना चाहिए। लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा इसमें अड़ंगा लगा रही है। इसका कारण केवल एक है। वह है किसी भी तरह से किसी अच्छे कार्य का श्रेय तृणमूल कांग्रेस व ममता बनर्जी को नहीं लेने देने की भाजपा सत्ता व संगठन की शातिर चाल। इसी के चलते केन्द्र सरकार पश्चिम बंगाल का नाम बांग्ला रखने में बाधा बन रही है। जबकि पश्चिम बंगाल के लोग, तृणमूल कांग्रेस व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चाहती हैं कि राज्य का नाम बांग्ला किया जाए। इसका प्रस्ताव केन्द्र सरकार के पास भेज दिया गया है। उसको लटकाने के लिए केन्द्र सरकार ने विदेश मंत्रालय में भेज दिया है। विदेश मंत्रालय से राय मांगी जा रही है कि पश्चिम बंगाल का नाम बांग्ला रखने से बांग्लादेश ऐतराज तो नहीं करेगा। उससे कोई मनमुटाव तो नहीं होगा। कोई भ्रम तो नहीं होगा, क्योंकि प्रधानमंत्री कार्यालय व कैबिनेट सचिवालय के अधिकारियों को बांग्ला और बांग्लादेश एक जैसा लगता है।

इस बारे में तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी का कहना है कि केन्द्र की मोदी सरकार पश्चिम बंगाल का नाम बांग्ला नहीं करना चाहती है। इसलिए यह तरह-तरह के उपक्रम कर रही है। वरना प्रधानमंत्री कार्यालय व कैबिनेट सचिवालय के अफसरों को अच्छी तरह पता है कि बांग्लादेश एक देश है, वह भारत से अलग देश है। पश्चिम बंगाल का नाम बदलकर बांग्ला रखा जाएगा तो वह बांग्ला राज्य होगा, जो भारत में है। इन अधिकारियों को देश व राज्य में अंतर अच्छी तरह मालूम है। लेकिन अपने आका के इशारे पर फाइल इधर-उधर घुमाई जा रही है। इसके लिए तरह-तरह के तर्क गढ़े जा रहे हैं। लेकिन केन्द्र सरकार और उसके अफसरों की इस हरकत पर तृणमूल कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी। इसे पूरे पश्चिम बंगाल व देश में मुद्दा बनाएगी।

उधर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि राज्य सरकार ने बंगाली अस्मिता को ध्यान में रखते हुए, जनता की मांग पर बांग्ला नाम चुना है। राज्य का नाम पश्चिम बंगाल तब रखा गया था, जब पूर्वी बंगाल बृहद भारत में था। बंटवारे के बाद जब भारत-पाकिस्तान युद्ध में पाकिस्तान के हार के बाद पूर्वी पाकिस्तान अलग होकर स्वतंत्र राष्ट्र बांग्लादेश हो गया| उसके बाद अब भारत के इस राज्य का नाम "पश्चिम बंगाल" रखे रहना उचित नहीं है। इसके अलावा एक और परेशानी यह है कि राज्य का नाम अंग्रेजी के डब्लू अक्षर से शुरू होता है। जिसके कारण केन्द्र सरकार के कार्यक्रम में राज्य का नंबर लगभग अंत में आता है। इसलिए भी राज्य का नाम बदला जाना चाहिए।

Updated : 2018-10-22T16:34:25+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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