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पारिवारिक विवाद का चुनावी भाषणों में चर्चा ठीक नहीं : शरद पवार

पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने किया प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तंज

पारिवारिक विवाद का चुनावी भाषणों में चर्चा ठीक नहीं : शरद पवार
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मुंबई। महाराष्ट्र के दिग्गज नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तंज करते हुए कहा कि उनके भाषण राजनीति के मापदंडों के अनुरूप नहीं हो रहे । मोदी को कैसे पता चला कि मेरे घर में विवाद व पारिवारिक झगड़े हो रहे हैं । पवार ने कहा कि मेरा घर तो परिवार के लोगों से भरा हुआ है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि मोदी आज तक अपने घर की हालत की चर्चा तक नहीं करते, तो फिर उन्हें दूसरों के पारिवारिक झगड़ों में ध्यान देने की क्या जरूरत है?

पुणे के दौंड में आयोजित कार्यकर्ताओं की सभा में पूर्व कृषि मंत्री शरद पवार ने प्रधानमंत्री मोदी को नसीहत देते हुए कहा कि उन्हें पहले अपने घर की चिंता करनी चाहिए। मोदी ने मुझपर और मेरे परिवार पर राजनीतिक विद्वेष की भावना से छींटाकशी की है, वह जायज नहीं है। राजनीति में व्यक्तिगत हमले या टीका-टिप्पणी नहीं होनी चाहिए। पवार ने कहा कि राजनीति में हमेशा मनमुटाव व संघर्ष होते रहते हैं, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर कभी भी विवाद को हावी नहीं होने देना चाहिए। राज्य में अकाल व सूखे की परिस्थिति है। सूखे की समस्या को दूर करने की जरूरत है । चुनाव तो आते-जाते रहेंगे, लेकिन विकट परिस्थितियों में भी अगर उच्च पदों पर बैठे नेता व्यक्तिगत टीका-टिप्पणियों में उलझे रहे, तो आम जनता और किसानों की परेशानी कैसे दूर हो सकेगी?

पवार ने याद दिलाते हुए कहा कि 2014 के चुनाव के दौरान बारामती की सभा में भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही धनगर समाज को पहली मंत्रिमंडल की बैठक में ही आरक्षण देने का फैसला किया जाएगा। लेकिन साढ़े चार साल बीत भी गए, राज्य सरकार ने आज तक धनगर समाज को आरक्षण नहीं दिया। किसानों के साथ भी दगाबाजी की गई है। किसान आज महंगाई और कर्ज की मार से लाचार है। लेकिन केंद्र और राज्य में सरकार बनाने के बाद भी किसानों के हित का कोई काम नहीं हो पाया है। राज्य के शक्कर कारखानों के मजदूरों और गन्ना उत्पादन किसानों को भी वेतन और बकाये के भुगतान के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने भीमा पाटस शक्कर कारखाना को करोड़ों रुपये की आर्थिक मदद उपलब्ध कराई है। इसके बावजूद वहां के मजदूरों को वेतन नहीं मिला और किसानों का बकाया तक नहीं मिल पाया है।

Updated : 7 April 2019 1:00 PM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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