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12 दिन के नवजात बच्चे को एम्स में नहीं मिला बेड, तबियत बिगड़ने से हुई मौत

12 दिन के नवजात बच्चे को एम्स में नहीं मिला बेड, तबियत बिगड़ने से हुई मौत
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देहरादून। उत्तराखंड के स्वास्थ्य मंत्री की सिफारिश पर रुड़की से ऋषिकेश एम्स में उपचार के लिए लाए गए 12 दिन के बच्चे को आईसीयू बेड नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई। इससे प्रशासन में हड़कंप में मचा हुआ है।मृत नवजात के पिता रुड़की निवासी भूपेंद्र सिंह 01 अगस्त की शाम को रुड़की से अपने बच्चे की तबीयत खराब होने के बाद उसे एम्स ऋषिकेश लाये थे।

भूपेंद्र सिंह का कहना था कि उनके बच्चे का पेट फूल रहा था। संभवत इंफेक्शन था, जिसे रुड़की से डॉक्टरों ने एम्स के लिए रेफर किया था। एम्स आने के बाद बच्चे को इमरजेंसी में भर्ती किया गया था । एम्स के डॉ संजीव मित्तल का कहना था कि बच्चे को ऑक्सीजन भी दिया गया था, लेकिन उस दौरान आईसीयू बेड उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चे को जौलीग्रांट भेजा गया। उसे लेकर परिजन जब तक वहां पहुंचते बच्चे ने रास्ते में ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। बच्चे के पिता भूपेंद्र सिंह ने बताया कि यह उनका पहला बच्चा था।

एम्स के मेडिकल सुपरिटेंडेंट संजीव मित्तल का कहना है कि 1 अगस्त को जब बच्चे को लाया गया था तो इमरजेंसी में उसको देखा गया था। ऑक्सीजन भी दी गई थी लेकिन आईसीयू बेड नहीं होने के कारण बच्चे को अन्य जगह ले जाया गया और रास्ते में उसकी मौत हो गई। 12 दिन के बच्चे को 12 साल का बताने के मामले पर डॉक्टर मित्तल ने कहा कि उन्हें पहले जो जानकारी दी गई थी, वह 12 साल के बच्चे की थी। आज सुबह जब फिर मैंने पता किया ,तो पता चला कि बच्चा 12 साल का नहीं 12 दिन का था। उन्होंने बताया कि एम्स को जगह और मिल रही है, उसके बाद और बढ़ाई जाएगी। प्रीत उपेंद्र सिंह ने उक्त मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने के साथ दोषी चिकित्सकों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

Updated : 3 Aug 2022 12:36 PM GMT
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स्वदेश वेब डेस्क

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