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जज की पत्नी-बेटे की हत्या में गनर को फांसी की सजा

जज की पत्नी-बेटे की हत्या में गनर को फांसी की सजा

गुरुग्राम। गुरुग्राम कोर्ट ने एडीजे कृष्णकांत की पत्नी और बेटी की हत्या के दोषी गनर महीपाल को सुनाई फांसी सजा सुनाई है। कोर्ट ने महीपाल को आईपीसी की धारा 302 के तहत फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस केस को रेयर ऑफ रेयरेस्ट मामला मना है और दोषी के साथ कोई नरमी नहीं बरती। दो-दो धाराओं में क्रमश: पांच वर्ष की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना के बाद तीन साल की सजा और पांच हजार रुपये के जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने इस मामले में दो अन्य दोषियों को 3 और पांच साल करावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर परमार की अदालत ने गुरुवार को सिपाही महिपाल को दोषी करार दिया था।

कोर्ट ने महीपाल को आईपीसी की धारा 302, 201 और आर्म्स एक्ट -27 के तहत दोषी करार दिया था। इस मामले की सुनवाई के दौरान कुल 64 लोगों ने गवाही दी।

उल्लेखनीय है कि 13 अक्तूबर 2018 को सेक्टर-49 स्थित आर्केडिया मार्किट में खरीददारी करने के लिए जिला अदालत में कार्यरत तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कृष्णकांत की पत्नी रितु और बेटे ध्रुव न्यायाधीश के सुरक्षाकर्मी महिपाल के साथ कार में गए थे। जब वे खरीददारी कर वापस आए तो सुरक्षाकर्मी महिपाल उन्हें कार के पास नहीं मिला। काफी देर बाद जब वह आया तो मां-बेटे ने नाराजगी जाहिर की। तभी महिपाल ने अपनी सर्विस रिवॉल्वर से दोनों के ऊपर गोलियां चला दी थीं। वे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। रितु ने घटना के कुछ घंटे बाद अस्पताल में दम तोड़ दिया था जबकि घायल ध्रुव की कई दिन बाद अस्पताल में मौत हो गई थी।

जिला उप न्यायवादी अनुराग हुड्डा ने बताया कि मामले की सुनवाई के दौरान 84 लोगों को गवाही के लिए कोर्ट द्वारा समन किया गया था। लेकिन कोर्ट में 64 लोगों ने गवाही दी। इसमें आम आदमी से लेकर जांच करने वाले अधिकारी और पुलिसकर्मी भी थे। गवाही में दो चश्मदीदों ने भी कोर्ट में बताया कि महिपाल ने जज की पत्नी और बेटे की गोली मारकर हत्या की। इसके अलावा कई अन्य सबूतों के आधार पर दोषी दिया गया।

Updated : 7 Feb 2020 1:20 PM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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