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अलगाववादी नेता गिलानी की सहायता करने के मामले में बीएसएनएल के अधिकारियों पर गिरी गाज

अलगाववादी नेता गिलानी की सहायता करने के मामले में बीएसएनएल के अधिकारियों पर गिरी गाज

श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर जिले में आज स्कूल खुल गए हैं। जम्मू-कश्मीर में इंटरनेट की सुविधा बंद होने के बाद अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ने कुछ ट्वीट कर दिए। इस मामले में कार्रवाई करते हुए BSNL के दो अधिकारियों पर गाज गिर गई। क्योंकि पूरे प्रदेश के लिए जब इंटरनेट की सुविधा बंद थी तो फिर अलगाववादी नेता के पास फोन और इंटरनेट की सुविधा किस तरह पहुंच गई। आपको बताते जाए कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद गिलानी ने कुछ ऐसे ट्वीट किए थे, जो भड़काऊ थे। हालांकि, बाद में उनका ट्विटर अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया था।

इससे पहले आज बच्चे स्कूल पहुंचे । स्कूल के आस-पास भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात हैं। घाटी में करीब 14 दिन बाद स्कूल खुले हैं, ऐसे में बच्चों में एक अलग-सा उत्साह रहा। प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना नहीं हो।

जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले में खुले स्कूल। पैरेंट्स बच्चों को स्कूल छोड़ने पहुंचे। जिन क्षेत्रों में विद्यालय खोले गए वे हैं लासजान, सांगरी, पंथचौक, नौगाम, राजबाग, जवाहर नगर, गगरीबाल, धारा, थीड, बाटमालू और शाल्टेंग शामिल हैं। स्थिति सामान्‍य होते ही धीरे-धीरे अन्‍य क्षेत्रों के स्‍कूलों में भी पढ़ाई शुरू हो जाएगी।

जम्मू-कश्मीर के गृह विभाग की तरफ से सोमवार सुबह एक बयान जारी कहा गया है कि एक अफवाह फैलाई जा रही है कि जम्मू-कश्मीर पुलिस के हथियार जब्त किए जा रहे हैं, लेकिन ये अफवाह गलत हैं। गृह विभाग की तरफ से अपील की गई है कि इस तरह की किसी खबर पर विश्वास ना करें। जम्मू-कश्मीर में हालात अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगे हैं। श्रीनगर में आज से लैंडलाइन चालू हो जाएंगे। करीब 14 दिन बाद घाटी में स्कूल-कॉलेज खुल हैं, ऐसे में एक बार फिर सुरक्षाबलों के लिए शांत माहौल बनाने की चुनौती है। अनुच्छेद 370 कमजोर होने और केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद से ही कश्मीर में धारा 144 लागू थी।

Updated : 19 Aug 2019 6:15 AM GMT
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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