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नागरिकता मुद्दे पर अध्यादेश लाने पर अगप छोड़ सकती है भाजपा का साथ, जदयू नहीं

नागरिकता मुद्दे पर अध्यादेश लाने पर अगप छोड़ सकती है भाजपा का साथ, जदयू नहीं
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नई दिल्ली/स्वदेश वेब डेस्क। असम में भाजपा सरकार की सहयोगी पार्टी असम गण परिषद है। नागरिकता कानून संशोधन विधेयक मुद्दे पर उसकी भाजपा से ठन गई है। भाजपा चाहती है कि बंगलादेश, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आये मुस्लिमों को राज्य से बाहर निकाला जाये और हिंदुओं को भारत की नागरिकता दी जाये । जबकि अगप कह रही है कि भेदभाव न करते हुए सभी विदेशियों को बाहर निकाला जाये। इसके विरोध में अगप भाजपा गठबंधन से अलग हो सकता है। बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट भी इसका विरोध कर रहा है।

भाजपानीत सरकार ने अन्य देशों से आये हिंदुओं को नागरिकता देने के लिए संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक सदन पटल पर रखी था । उसके बाद इस पर रिपोर्ट देने के लिए भाजपा सांसद राजेन्द्र अग्रवाल की अध्यक्षता में संयुक्त संसदीय समिति बना दी गई है। पूर्वोत्तर भारत की राजनीति के जानकार वरिष्ठ पत्रकार कल्याण बरूआ का कहना है कि यह समिति 11 दिसम्बर से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में अपनी रिपोर्ट दे सकती है। लेकिन इस सत्र में नागरिकता कानून संशोधन विधेयक पर बहस हो पायेगी , यह पास हो पायेगा , इसकी संभावना कम है। क्योंकि विपक्ष ने नरेन्द्र मोदी सरकार के विरूद्ध सदन ठप्प करने की ठानी है। यही स्थिति फरवरी में बजट सत्र में भी रहेगी। ऐसे में यदि मोदी सरकार चाहे तो अध्यादेश (आर्डिनेंस) ला सकती है। यह करके इसका लाभ लोकसभा चुनाव में ले सकती है। लेकिन इसके विरोध में अगप, भाजपा गठबंधन से अलग हो सकता है। बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट भी इसका विरोध कर रहा है।

असम के 126 विधायकों वाली विधानसभा में भाजपा के 60, कांग्रेस के 26, अगप के 14, ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के 13, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट के 12 तथा एक निर्दलीय विधायक हैं। अगप व बोडोलैंड विरोध करते हैं, अलग राह अपनाते हैं तो भाजपा उनके विधायकों को तोड़ सकती है। इसलिए राज्य में भाजपा सरकार को कोई खतरा नहीं है। इस विधेयक का विरोध जदयू भी कर रही है। लेकिन केन्द्र सरकार इस पर अध्यादेश लाती है, तो भी जदयू बिहार में भाजपा से अलग होकर अपनी सरकार की बलि नहीं देगी। इस बारे में जदयू के एक सांसद का कहना है कि हमारे नेता ने इस मुद्दे पर अपनी राय स्पष्ट कर दी है। आगे सरकार पर है कि वह क्या करती है । यदि अध्यादेश लायेगी तो हमें जो कदम उठाना होगा उठायेंगे।

Updated : 2018-12-12T21:34:42+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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