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मराठा आरक्षण : आश्वासन देने से पहले मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए - सुभाष देसाई

मराठा आरक्षण : आश्वासन देने से पहले मुख्यमंत्री को सोचना चाहिए - सुभाष देसाई
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मुंबई। मराठा आरक्षण के मुद्दे को शिवसेना भाजपा के पाले में डालकर खुद आंदोलनकारियों की भाषा बोलने लगी है। मंगलवार को शिवसेना नेता व उद्योगमंत्री सुभाष देसाई ने कहा कि मुख्यमंत्री को मराठा समाज को आरक्षण का आश्वासन देने पहले सोचना चाहिए था। देसाई ने कहा कि मराठा समाज को आरक्षण देना अभी भी टेढ़ी खीर ही है।

देसाई ने कहा कि मराठा आरक्षण का मुद्दा कोर्ट में अटक सकता है, यह सभी राजनीतिक दलों को पहले से पता था। राज्य सरकार ने इसके लिए पिछड़ा आयोग का गठन किया है और उसकी रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत करने की तैयारी कर रही है लेकिन कोर्ट में अगर पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट ही फंस गई तो उस समय और भी खराब हालत उत्पन्न हो सकती है। देसाई ने कहा कि मराठा आरक्षण के समर्थन में इस समय प्रदेश के हर राजनीतिक दल के कार्यकर्तासहभागी हो रहे हैं। शिवसेना के कार्यकर्ता आंदोलन में सक्रिय सहभाग ले रहे हैं। इसलिए आंदोलन की धार नरम होती नहीं दिख रही है वरन आंदोलन और भी तेज हो सकता है।

भाजपा की ओर से राजस्वमंत्री चंद्रकांत पाटील ने मराठा आंदोलनकारियों को सरकार की स्थिति समझाने का प्रयास किया है। पाटील ने कहा कि मराठा आरक्षण कोर्ट में लंबित है, इसलिए वाहन गाड़ी जलाने से यह हासिल नहीं हो सकता है। इसलिए आंदोलनकारी समझकर काम लें। हालांकि आंदोलनकारी इस मामले में किसी भी तरह मानने के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं।

Updated : 2018-07-26T01:07:02+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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