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बेस्ट गवर्नेंस वाले राज्यों की टॉप सूची में केरल

इस सूची में मध्यप्रदेश को 16वां स्थान मिला है।

बेस्ट गवर्नेंस वाले राज्यों की टॉप सूची में केरल
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भोपाल। मध्‍यप्रदेश के लिए एक निराशा भरी खबर आयी है। पब्लिक अफेयर्स सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक बेस्ट गर्वनेंस के मामले में मध्यप्रदेश फिसड्डी बना हुआ है। इस रिपोर्ट में मध्‍यप्रदेश बेस्ट गवर्नेंस वाले राज्यों की सूची में सबसे निचले पायदान पर आया है। देश में सबसे बेहतर तरीके से शासित राज्यों की सूची में केरल ने टॉप किया है। छोटे राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश टॉप पर है।

देश में बेस्ट गवर्नेंस के लिए पब्लिक अफेयर्स सेंटर (PAC) थिंक टैंक ने पब्लिक अफेयर्स इंडेक्स 2018 की सूची जारी की है। इस सूची में मध्यप्रदेश को 16वां स्थान मिला है। प्रदेश के लिए ये निराशा की बात है कि जीडीपी, कृषि विकास दर और औद्योगिक विकास के मामले में जहां मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है लेकिन बेस्ट गर्वनेंस के मामले में राज्य लुढ़ककर 16वें स्थान पर पहुंच गया है। दरअसल मध्यप्रदेश में सामाजिक और आर्थिक असमानताएं काफी ज्यादा देखी जा रही है जिसके चलते राज्य गर्वनेंस के मामले में काफी पीछे नजर आता है। इस रिपोर्ट में मध्य प्रदेश, झारखंड और बिहार की स्थिति को सबसे बदतर बताया गया है। आबादी और क्षेत्रफल के लिहाज से देश के ये तीन बड़े राज्य सबसे निचले पायदान पर है।

वहीं, इस सूची में दक्षिणी राज्य केरल ने पूरे देश में सर्वोच्च स्थान हासिल किया है। केरल की ये उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि केरल लगातार 3 साल से बेस्ट गवर्नेंस के रूप में नंबर एक स्थान पर काबिज है। इस सूची में केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, कर्नाटक और गुजरात टॉप 5 में है। वहीं, छोटे राज्यो में हिमाचल प्रदेश टॉप पर है और उसके बाद गोवा, मिजोरम, सिक्किम और त्रिपुरा का बेस्ट गवर्नेंस स्टेट साबित हुए है।

बता दें कि यह थिंक टैंक राज्यों में जरुरी बुनियादी अधोसंरचना, मानव विकास, सामाजिक सुरक्षा, महिलाओं व बच्चों से जुड़े मामलों में कानून की स्थिति सहित 10 विषयों का डाटा तैयार कर विस्तृत रिपोर्ट पेश करता है। इसका मकसद ये पता लगाना होता है कि गरीबी में पल-बढ़ रहे बच्चों की स्थिति कैसी है और उसके लिए दोषी कौन है। दरअसल ये माना जाता है कि मानव विकास की जिम्मेदारी राज्यों की होती है कि गरीबों को बेहतर जीवन स्तर मिले।

Updated : 2018-07-25T03:02:15+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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