MI vs SRH मुकाबला मुंबई के लिए बेहद अहम। लगातार हार के बाद प्लेऑफ की उम्मीद पर संकट। जानें आज की हार-जीत से कैसे बदलेंगे समीकरण और कितना बढ़ेगा दबाव।
इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन में आधा सफर पूरा हो चुका है। कुछ टीमें प्लेऑफ के करीब हैं, लेकिन मुंबई इंडियंस के लिए तस्वीर उलटी नजर आ रही है। हार्दिक पांड्या की टीम 7 में से सिर्फ 2 मैच जीत पाई है। अंक तालिका में टीम नीचे खिसक चुकी है और नेट रन रेट भी चिंता बढ़ा रहा है। आज वानखेड़े में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मुकाबला सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि मुंबई के सीजन की दिशा तय कर सकता है।
लगातार हार से दबाव
मुंबई इंडियंस के पास अभी सिर्फ 4 अंक हैं और टीम नौवें स्थान पर पहुंच चुकी है। पिछले 5 में से 4 हार ने टीम का आत्मविश्वास भी हिलाया है। अगर प्लेऑफ की उम्मीद जिंदा रखनी है, तो अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची। हर मैच अब ‘करो या मरो’ जैसा बन चुका है। आज की हार टीम को बाहर नहीं करेगी, लेकिन आगे का रास्ता लगभग असंभव बना सकती है।
बल्लेबाजी लड़खड़ाई और गेंदबाजी बनी कमजोरी कड़ी
मुंबई की सबसे बड़ी चिंता उसकी गेंदबाजी है। बड़े स्कोर रोकने में टीम लगातार फेल हो रही है। पिछले मैच में बल्लेबाजों ने भी निराश किया, जब पूरी टीम सिर्फ 104 रन पर सिमट गई। यह हार सिर्फ हार नहीं, चेतावनी थी। अगर आज वापसी करनी है, तो दोनों विभागों को एक साथ चलना होगा।
बल्लेबाजों की फॉर्म बनी SRH की ताकत
सनराइजर्स हैदराबाद इस वक्त खतरनाक फॉर्म में दिख रही है। अभिषेक शर्मा और ट्रेविस हेड तेजी से रन बना रहे हैं। हेनरिक क्लासेन फिनिशर की भूमिका में मैच पलटने की क्षमता रखते हैं। टीम हाल ही में 200+ लक्ष्य चेज कर चुकी है। ऐसे में मुंबई के गेंदबाजों के लिए यह मुकाबला आसान नहीं होने वाला।
हेड टू हेड में MI आगे
दोनों टीमों के बीच अब तक 25 मुकाबले हुए हैं, जिसमें मुंबई ने 15 और हैदराबाद ने 10 जीते हैं। वानखेड़े में हाल के रिकॉर्ड भी मुंबई के पक्ष में हैं। 2023 के बाद से यहां SRH को जीत नहीं मिली है। लेकिन मौजूदा फॉर्म को देखते हुए सिर्फ पुराने आंकड़े मुंबई को राहत नहीं दे सकते।
प्लेऑफ का गणित
मुंबई इंडियंस के पास अभी 7 मैच बाकी हैं। अगर टीम सभी मैच जीतती है, तो 18 अंक तक पहुंच सकती है। प्लेऑफ के लिए कम से कम 16 अंक जरूरी माने जा रहे हैं। यानी मुंबई को अब 7 में से कम से कम 6 मैच जीतने होंगे। आज की हार के बाद यह लक्ष्य और कठिन हो जाएगा। इतना ही नहीं आने वाले हर मैच में दबाव बढ़ता जाएगा।