देवदत्त पडिक्कल ने श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में लगातार दूसरा शतक जड़कर नंबर-3 की दावेदारी मजबूत कर दी है। इससे साई सुदर्शन की वापसी मुश्किल हो सकती है।
क्रिकेट। कोलंबो में श्रीलंका के खिलाफ खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल ने लगातार दूसरा शतक जड़कर अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी। उन्होंने 168 गेंदों पर 10 चौकों की मदद से शतकीय पारी खेली। इससे पहले सीरीज के पहले टेस्ट में पडिक्कल ने 167 रन बनाए थे। उस मैच में उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया था।
गिल के साथ संभाली पारी
पडिक्कल ने दूसरे टेस्ट में बेहद संयम के साथ बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। उन्होंने बिना जोखिम उठाए श्रीलंकाई गेंदबाजों का सामना किया और 168 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। उनकी पारी में 10 चौके शामिल रहे। हैरानी की बात है कि शतकीय पारी में कोई भी छक्का नहीं लगाया। इससे पहले भारत ने महज 66 रन के स्कोर पर अपने दो विकेट गंवा दिए थे। इशके बाद पडिक्कल ने कप्तान शुभमन गिल के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिए 120 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी हुई। इससे भारतीय टीम मजबूत स्थिति में पहुंची।
नंबर 3 की तलाश हो सकती है खत्म
भारतीय टेस्ट टीम लंबे समय से नंबर 3 पर ऐसे बल्लेबाज की तलाश कर रही थी, जो तेज और स्पिन दोनों तरह की गेंदबाजी के खिलाफ भरोसे के साथ बल्लेबाजी कर सके। पडिक्कल ने लगातार दो शतक लगाकर इस स्थान के लिए अपनी दावेदारी बेहद मजबूत कर दी है। श्रीलंका के खिलाफ दोनों टेस्ट में उनके प्रदर्शन से साफ है कि वह दबाव की स्थिति में भी धैर्य के साथ बल्लेबाजी कर सकते हैं। यही वजह है कि वह नंबर 3 पर उनकी जगह अब काफी हद तक सुरक्षित मानी जा सकती है।
साई सुदर्शन के लिए बढ़ी चुनौती
पडिक्कल ने लगातार शानदार प्रदर्शन से नंबर 3 के दूसरे दावेदारों की मुश्किल बढ़ गई है। इनमें साई सुदर्शन का नाम प्रमुख है। सुदर्शन के चोटिल होने के बाद ही पडिक्कल को भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया था। अब लगातार दो शतक लगाने के बाद पडिक्कल ने चयनकर्ताओं के सामने मजबूत दावा पेश कर दिया है। ऐसे में साई सुदर्शन के फिट होकर टीम में लौटने के बाद प्लेइंग 11 में जगह बनाना आसान नहीं होगा।