कोलंबो टेस्ट में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में भारत ने 503 रन पर पारी घोषित कर दी। इसके बाद श्रीलंका के 8 रन पर दो विकेट झटक लिए। जुरेल ने शतक लगाया और चोटिल पंत ने 63 रन बनाए।
क्रिकेट। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के दूसरे दिन अपनी पकड़ मजबूत कर ली। बारिश और खराब रोशनी से प्रभावित दिन में भारत ने पहली पारी 503/9 के स्कोर पर घोषित की। इसके बाद गेंदबाजों ने श्रीलंका को शुरुआत में ही दो झटके दे दिए। दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका ने 8 रन बनाए थे।
पंत ने लौटते ही संभाला मोर्चा
पहले दिन कलाई में चोट लगने के बाद ऋषभ पंत के दोबारा बल्लेबाजी करने पर संशय था। हालांकि, मैदान पर उतरते ही उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी शुरू कर दी। श्रीलंकाई गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंदों से उन्हें परेशान करने की कोशिश की, लेकिन पंत ने तेजी से रन बनाए। पंत ने ध्रुव जुरेल के साथ मिलकर महत्वपूर्ण साझेदारी की। उन्होंने 89 गेंदों पर 63 रन बनाए। लंच के बाद नुवान्था केशरा की गेंद पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में वह लॉन्ग ऑफ पर कैच आउट हुए।
जुरेल ने जमाया शानदार शतक
दूसरे छोर पर ध्रुव जुरेल ने धैर्य के साथ अपनी पारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में भी श्रीलंकाई गेंदबाजों का डटकर सामना किया और पारंपरिक शॉट्स के साथ रिवर्स स्वीप भी लगाए। जुरेल 95 रन पर पहुंचे ही थे कि बारिश के कारण खेल रोकना पड़ा। खेल दोबारा शुरू होने के बाद वह 99 रन तक पहुंचे, लेकिन शतक के लिए उन्हें आठ गेंदों का इंतजार करना पड़ा। आखिरकार मिडऑफ की दिशा में सिंगल लेकर उन्होंने अपना दूसरा टेस्ट शतक पूरा किया।
श्रीलंका में नंबर-7 पर खास रिकॉर्ड
ध्रुव जुरेल ने इस शतक के साथ खास रिकॉर्ड अपने नाम किया। वह श्रीलंका में नंबर-7 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए टेस्ट शतक लगाने वाले दूसरे भारतीय बन गए हैं। इससे पहले 2017 में पल्लेकेले टेस्ट में हार्दिक पंड्या ने 108 रन की पारी खेलकर यह उपलब्धि हासिल की थी। जुरेल ने श्रीलंका में इस नंबर पर भारत के लिए सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।
भारत ने 503 रन पर घोषित की पारी
पंत और जुरेल की पारियों के दम पर भारत ने अपनी पहली पारी 503/9 के स्कोर पर घोषित कर दी। इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। नई गेंद के साथ तीन स्लिप और एक गली लगाकर गेंदबाजी की गई।
प्रसिद्ध कृष्णा ने दिलाई पहली सफलता
मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा ने गेंदबाजी की शुरुआत की। प्रसिद्ध कृष्णा ने लाहिरू उदारा को बैक ऑफ लेंथ गेंद पर फंसाया। बल्लेबाज गेंद छोड़ने की कोशिश में उसे छेड़ बैठे और गेंद तीसरी स्लिप की ओर चली गई। यशस्वी जायसवाल ने अपनी बाईं ओर शानदार छलांग लगाकर कैच पकड़ लिया। इस विकेट के साथ भारत ने श्रीलंका पर शुरुआती दबाव बना दिया।
सुथार ने दिन की आखिरी गेंद पर किया शिकार
शाम होते-होते रोशनी कम हो गई और अंपायरों ने लाइट मीटर का इस्तेमाल किया। तेज गेंदबाजों के लिए परिस्थितियां मुश्किल होने के बाद स्पिनर मानव सुथार को गेंद सौंपी गई। सुथार ने नाइटवॉचमैन प्रभात जयसूर्या के खिलाफ अंदर आती गेंद फेंकी, जो उनके पैड पर जा लगी। मैदानी अंपायर ने उन्हें आउट दिया। जयसूर्या ने रिव्यू लिया, लेकिन गेंद की ट्रैकिंग में वह लेग स्टंप को छूती हुई दिखाई दी। ऐसे में मैदानी फैसला बरकरार रहा और सुथार को विकेट मिल गया।