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कुश्ती का कमाल : बजरंग पुनिया ने गुरु मुन्नी अखाड़े में टेका मत्था

कुश्ती का कमाल : बजरंग पुनिया ने गुरु मुन्नी अखाड़े में टेका मत्था
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नई दिल्ली/स्वदेश वेब डेस्क। एशियाड खेल में कुश्ती में भारत को स्वर्ण पदक दिलाने वाले पहलवान बजरंग पुनिया ने ब्रह्मलीन बाल ब्रह्मचारी गुरु मुन्नी अखाड़े पर अपना माथा टेका। उनके साथ ओलंपिक 2016 के कास्य पदक विजेता पहलवान योगेश्वर दत्त भी थे। यह ऐसा क्षण था जब कुश्ती जगत की दो महान हस्तियों ने एक साथ शिरकत कर परंपरा और संस्कार को मानो जीवंत कर दिया हो। बजरंग पुनिया अखाड़े में पहुंचते ही भावुक हो गए। उनके लिए एशियाड में पदक हासिल करना किसी दिवास्वप्न से कम नहीं है। उन्होंने कुश्ती के करतब और इसकी शुरुआत यही से गुरु मुन्नी गोल्ड कप जीतकर की थी। दिल्ली रेसलिंग ऐसोसिएशन के चेयरमैन भाई महावीर और अखाड़े के खलीफा पहलवान जसवीर ने पुष्पगुच्छ देकर दोनों पहलवानों का स्वागत किया।

करोलबाग के पहाडग़ंज स्थित गुरु मुन्नी पहलवान अखाड़ा कुश्ती के अतीत को स्मृतियों में ले आता है। गुरु मुन्नी अतीत के सबसे बड़े पहलवान थे। अपने जमाने में उन्होंने कुश्ती को खूब चमकाया। लोग उनके नाम से कुश्ती देखने आते थे। कुश्ती ही उनसे हार गई लेकिन वे कुश्ती से कभी न हारे। उनकी याद में आज भी इस अखाड़े में लोग कुश्ती सीखने आते हैं। करीबन 20 से 25 पहलवान अखाड़े में रहकर कुश्ती सीखते हैं। भाई महावीर और कोच जसवीर पूरी निष्ठा के साथ कुश्ती को आगे ले जाने के लिए समर्पित हैं। बजरंग पुनिया अपने वजन में पहले नंबर पर आए थे और फिर उनका कुश्ती में ऐसा रुझान बढ़ा कि उन्होंने भारत के लिए एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक दिलाया इसके अलावा राष्ट्रमंडल खेलों में भी पदक दिलाए। पहलवान बजरंग पुनिया मानते हैं कि गुरु मुन्नी अखाड़े का संबंध उन्हें लडऩे के लिए नई ऊर्जा प्रदान करता है। उनका कहना है कि गुरु मुन्नी अखाड़ा उनके लिए भाग्यशाली रहा है। और हर पदक जीतने के बाद वे यहां मत्था टेकने जरूर आते हैं।

कुश्ती में विश्व कीर्तिमान बनाने के लिए बजरंग ने अपनी नजरें विश्व चैंपियनशिप पर टिका दी हैं। इसके लिए वे अजरबैजान की यात्रा पर जा रहे हैं। यात्रा रवानगी से पूर्व वे अखाड़े में मत्था टेकने आए थे। पुनिया ने बताया कि अजरबैजान में उनका कैंप 15-20 दिन तक चलेगा। उनके साथ कोच, फिजियो और अभ्यास के लिए दो पहलवान साथ जा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि वे एक नए रिकार्ड के साथ स्वदेश लौटेंगे।

Updated : 2018-09-07T01:57:59+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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