भारत ने अंडर-18 हॉकी एशिया कप 2026 में जापान को 4-1 से हराकर खिताब जीता। आशीष पूर्ति ने हैट्रिक लगाई, भारत तीसरी बार बना चैंपियन।
भारतीय जूनियर हॉकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अंडर-18 हॉकी एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने मेजबान जापान को 4-1 से हराकर एशियाई हॉकी में अपना दबदबा साबित किया। इस जीत के साथ भारत ने 9 साल बाद अंडर-18 एशिया कप ट्रॉफी पर कब्जा जमाया है।पूरे टूर्नामेंट में दमदार खेल दिखाने वाली भारतीय टीम ने फाइनल में शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया और जापान को वापसी का मौका नहीं दिया।
आशीष पूर्ति बने जीत के हीरो
फाइनल मुकाबले में आशीष पूर्ति ने शानदार प्रदर्शन करते हुए हैट्रिक लगाई और भारत की जीत के सबसे बड़े नायक बने। उन्होंने तीन गोल दागकर जापानी रक्षा पंक्ति को पूरी तरह भेद दिया।भारत ने मैच के दूसरे मिनट में ही बढ़त हासिल कर ली थी। इसके बाद टीम ने लगातार दबाव बनाए रखा और तीसरे क्वार्टर के अंत तक स्कोर 4-0 कर दिया। अंतिम चरण में जापान केवल एक गोल ही कर सका।
पाकिस्तान को हराकर पहुंचा था भारत
भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में पाकिस्तान को 5-3 से हराकर फाइनल का टिकट हासिल किया था। उस मुकाबले में भी आशीष पूर्ति ने अंतिम क्वार्टर में शानदार खेल दिखाते हुए मैच का रुख भारत की ओर मोड़ दिया था।सेमीफाइनल और फाइनल दोनों मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक हॉकी, बेहतरीन पासिंग और मजबूत डिफेंस का प्रदर्शन किया।
तीसरी बार बना एशिया चैंपियन
भारत ने इससे पहले अंडर-18 हॉकी एशिया कप का खिताब वर्ष 2001 और 2016 में जीता था। अब 2026 में तीसरी बार ट्रॉफी जीतकर भारतीय टीम ने इतिहास रच दिया है।
भारत के अंडर-18 हॉकी एशिया कप खिताब
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वर्ष
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उपलब्धि
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2001
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चैंपियन
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2016
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चैंपियन
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2026
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चैंपियन
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी बधाई
भारत की इस ऐतिहासिक जीत पर नरेंद्र मोदी ने टीम को बधाई दी। सोशल मीडिया पर उन्होंने लिखा कि युवा खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में उत्कृष्ट कौशल, अनुशासन और टीम वर्क का प्रदर्शन किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि दर्शाती है कि देश के युवाओं के बीच हॉकी की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है और भारतीय हॉकी का भविष्य उज्ज्वल है। उन्होंने टीम को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
भारतीय हॉकी के लिए बड़ा संकेत
अंडर-18 स्तर पर मिली यह सफलता भारतीय हॉकी के मजबूत भविष्य का संकेत मानी जा रही है। जूनियर स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन यह दर्शाता है कि देश में हॉकी की प्रतिभाओं की नई खेप तैयार हो रही है, जो आने वाले वर्षों में सीनियर टीम की ताकत बढ़ा सकती है।