श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में टिन्नू यादव की सपा मुखिया से नजदीकियां और 980 बार फोन पर बातचीत होने के खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसियां गहन परीक्षण में जुटीं।
जितेन्द्र प्रताप सिंह
काल डिटेल रिकॉर्ड से 980 बार बात करने के मिले साक्ष्य, सुरक्षा एजेंसियां परीक्षण में जुटीं
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी का मास्टरमाइंड रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू ने सपा मुखिया अखिलेश यादव से फोन पर 980 बार बात की है। जिस दिन कथित चोरी का खुलासा हुआ, उस दिन भी टिन्नू ने तीन बार सपा मुखिया को फोन मिलाया और लंबी बातचीत हुई। यह खुलासा जांच एजेंसियों ने टिन्नू यादव के मोबाइल फोन रिकॉर्ड खंगालने के बाद किया है।
सूत्रों की मानें तो टिन्नू यादव की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से जांच एजेंसियों को कई अहम जानकारियां मिली हैं। इसके जरिए यह खुलासा हुआ कि टिन्नू अपने सियासी आका को मामले की पल-पल की जानकारी मुहैया करा रहा था। इसके जरिए वह सपा मुखिया अखिलेश यादव से नजदीकियां भी बढ़ा रहा था।
जांच में सामने आया है कि टिन्नू यादव अयोध्या से जुड़े एक पूर्व राज्यमंत्री के जरिए अखिलेश यादव के संपर्क में आया था। अखिलेश के भरोसे वह अपनी सियासी जमीन तैयार कर चुनाव लड़ने की मंशा बना चुका था। ऐसे कई बिंदुओं की जानकारी जांच एजेंसियों को मिली है। उसने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी के जरिए अकूत संपत्ति अर्जित की। फिलहाल जांच एजेंसियां फॉरेंसिक विशेषज्ञों के जरिए उसके कॉल डिटेल और सीडीआर का अध्ययन कर रही हैं। जांच एजेंसियों के सामने रिमांड पर आरोपी अविनाश शुक्ला ने भी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की भूमिका को लेकर कई राज उगले हैं।
पूरे नेटवर्क में था टिन्नू यादव का दबदबा
आरोपी अविनाश शुक्ला को रिमांड अवधि पूर्ण होने से पहले ही पुलिस ने शुक्रवार देर रात मेडिकल परीक्षण के बाद कारागार में दाखिल कर दिया। अविनाश शुक्ला से रिमांड अवधि के दौरान कई अहम जानकारियां मिली हैं।अविनाश शुक्ला ने भी टिन्नू यादव के नेटवर्क का खुलासा किया है। अविनाश ने कहा कि पूरे नेटवर्क में टिन्नू यादव का दबदबा था। आरोपियों के बीच उसकी बात अंतिम मानी जाती थी। पूरे षड्यंत्र में उसकी भूमिका अहम थी। पूछताछ में सामने आया कि टिन्नू की वजह से पकड़े जाने का डर बहुत कम था। अविनाश के मुताबिक, टिन्नू अक्सर कहा करता था कि कुछ नहीं होगा, सीसीटीवी फुटेज डिलीट कर दिए जाएंगे।
टिन्नू के जिम्मे था निगरानी का काम
सूत्रों के अनुसार, टिन्नू की जिम्मेदारी निगरानी से जुड़ी थी। इसी कारण सुरक्षा व्यवस्था में उसकी मौजूदगी पर किसी को संदेह नहीं होता था। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर आरोपी लंबे समय तक चढ़ावे की रकम निकालते रहे। वहीं जांच में खुलासा हुआ है कि जब चढ़ावे की रकम की गणना होती थी, तब कंट्रोल रूम पर भी नजर रखी जाती थी। यदि कोई कर्मचारी कंट्रोल रूम की ओर आता दिखाई देता था, तो उसका ध्यान दूसरी ओर भटकाने की कोशिश की जाती थी, ताकि चोरी और सीसीटीवी से छेड़छाड़ की भनक किसी को न लगे। जांच एजेंसियों को टिन्नू यादव की भूमिका भी इसी कड़ी में अहम लगी है। आरोप है कि वह पूरी गतिविधि पर नजर रखता था और बाकी आरोपियों को सतर्क करता था।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में कथित चोरी के प्रकरण में रोज नए-नए खुलासे सामने आ रहे हैं। प्रकरण में नामजद आरोपियों और बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से एक पुख्ता नेटवर्क तैयार हुआ था। इसमें रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की अहम भूमिका बताई जा रही है। आरोपी अविनाश शुक्ला ने रिमांड के दौरान जो खुलासे किए, वे टिन्नू यादव पर शिकंजा कसने के लिए काफी माने जा रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो श्रीराम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी प्रकरण में आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू की अकूत संपत्ति को लेकर जल्द ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एंट्री तय मानी जा रही है। टिन्नू, उसके करीबियों और रिश्तेदारों की संपत्ति का ब्यौरा जुटाकर कार्रवाई तेज कर दी गई है। दिग्विजय सिंह को रामसिंह ने दान राशि लौटाने का प्रस्ताव दिया