मध्यप्रदेश की राजनीति में हलचल तेज, BJP में ट्रेनिंग पर सख्ती और कांग्रेस में दिग्विजय-जीतू पटवारी बयान से नई चर्चा। पढ़ें अंदर की पूरी खबर।
अनुराग उपाध्याय
भाजपा में अब परीक्षा जैसी सख्ती
भाजपा के अभ्यास वर्गों और अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों में परीक्षा जैसी सख्ती बरती जाएगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पाया कि कई नेता और कार्यकर्ता प्रशिक्षण के दौरान गंभीर नहीं रहते और मोबाइल फोन का प्रयोग करते रहते हैं। ऐसे में खंडेलवाल को फैसला लेना पड़ा कि अब होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों में मोबाइल फोन प्रतिबंधित रहेगा। जिला स्तरीय प्रशिक्षण से यह व्यवस्था लागू हो जाएगी और सभी के मोबाइल फोन, मोबाइल पार्किंग में नजर आएंगे। हां, इन प्रशिक्षणों के बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं की विधिवत परीक्षा भी होगी। इस प्रशिक्षण के लिए सिलेबस पहले ही तैयार हो चुका है।
दिग्गी के निशाने पर कौन ? केसी या जीतू
कांग्रेस के दिग्गज नेता केसी वेणुगोपाल से एमपी कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की अच्छी पटरी बैठ रही है। पटवारी जैसा चाहें वेणुगोपाल वैसा ही करते हैं। ये हम नहीं कह रहे ये कहना है कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह का। पीसीसी में एससी कांग्रेस की बैठक चल रही थी। बैठक में दिग्गीराजा ने वाल्मीकि और बसोर समाज के लोगों की तत्काल नियुक्ति की बात पटवारी से की और कहा हमें पता है केसी वेणुर्गापाल से तो आप जो चाहे वो लिखवा लाओगे। दिल्ली में आपका लिखा कोई टालता नहीं है। इस पर पटवारी ने कहा सर चेला तो आपका हूं। ऐसे में दिग्गीराजा ने मौके पर चौका मारा और कहा गुरु गुड़ रह गए और चेला शक्कर हो गया है। पीसीसी का यह वार्तालाप जाहिर करता है। वहां अंदर ही अंदर कुछ बड़ा खेल चल रहा है, जिसे सिर्फ दिग्विजय सिंह समझ रहे हैं। वैसे अंदाजा लगाएं दिग्गीराजा के निशाने पर पटवारी हैं या फिर वेणुगोपाल।
राकेश सिंह के पास सिर्फ आश्वासन
कई भाजपा विधायक मंत्रियों के कार्य व्यवहार से खासे नाराज हैं। भाजपा विधायक मथुरालाल डामर ने तो भरे मंच से रतलाम में यह कहकर सबको सकते में डाल दिया कि पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह काम करने की बजाए कोरे आश्वासन देते हैं और हमारे आवेदनों को अपने पीए से कहकर कचरे के डिब्बे में फिंकवा देते हैं। मंत्रियों के ऐसे व्यवहार से दुख होता है। विधायकजी का दर्द इन दिनों उनकी जुबान पर है वे कहते हैं भाजपा के 165 विधायक हैं। कई मंत्री तो अपने ही विधायकों को पहचानते तक नहीं हैं। विधायक जब अपना दर्द बयान कर रहे थे तब मंत्री चैतन्य काश्यप भी मंच पर थे।
प्रीतम चाहते हैं लोधी मुख्यमंत्री
भाजपा के बड़बोले विधायक हैं प्रीतम लोधी। लोधी पिछले दिनों राजा हिरदेश शाह लोधी की शौर्य यात्रा समारोह में पहुंचे। मंच पर लोधी समाज के कई नेता उपस्थित थे। यहां भी मंच से लोधी की जुबान बेकाबू हो गई और उन्होंने कह दिया लोधी समाज से किसी को मुख्यमंत्री होना चाहिए क्योंकि इस समाज से पहले भी मुख्यमंत्री रह चुके हैं। प्रीतम लोधी तो बोल के निकल लिए और सब मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल की शक्ल देखने लगे। लोधी समाज का मानना है प्रहलाद सिंह पटेल भविष्य के मुख्यमंत्री हैं। वैसे आपको बता दें भाजपा को सत्ता में लाने का श्रेय लोधी समाज की उमा भारती को ही जाता है।
प्रद्युम्न सिंह अलग नहीं मानते
ग्वालियर वाले मंत्री जी प्रद्युम्न सिंह तोमर अलग ही नहीं मानते हैं। अधिकांश मंत्री और अधिकारी जहां जनता से मिलने से कतराते हैं, वहीं तोमर खुद लोगों के दरवाजे खटखटाते घूम रहे हैं। तोमर ने शासकीय योजनाओं का लाभलोगों को मिल रहा है या नहीं ये जानने और वे खुद कैसा काम कर रहे हैं ये जानने के लिए जनता के द्वार दस्तक दे दी है। वे घर घर जाकर अपने काम का आकलन कर रहे हैं। हालांकि चुनाव अभी दूर हैं लेकिन उनके इस अंदाज से कई मंत्री और अफसर परेशान हैं।