मध्यप्रदेश की राजनीति में हलचल। मोहन यादव का ‘पहलवान’ अंदाज़, भाजपा में संभावित नियुक्तियों की चर्चा और नेतानगरी की होली के अलग-अलग रंग।
अनुराग उपाध्याय
ये मोहन पहलवान का स्टाइल है
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव अपने डॉक्टर होने पर खुद ही कई बार तंज कस्ते नजर आते हैं। वे स्पष्ट कहते हैं अगर किसी नेता पर कोई डिग्री हो तो लोग मान लेते हैं नेता है तो कोई जुगाड़ कर लिया होगा। लेकिन ऐसा होता नहीं हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव की डॉक्टर होने के अलावा एक पहचान और है। पुराने लोग उन्हें मोहन पहलवान भी कहते हैं। मोहन यादव को अखाड़े वाले सारे दांवपेंच भी आते हैं। उज्जैन में महाकाल मंदिर से निकलने वाली परम्परागत गेर में उन्होंने जिस तरह से तलवार चलाई वो बताता है कि इस कला में भी वे सिद्धहस्त हैं। तलवार की पकड़ से, उसे घुमाने तक में उनके भीतर छिपा पहलवान बाहर आ जाता है। स्थान कोई भी हो मोहन यादव बड़े-बड़ों को पटखनी देने का हुनर भी जानते हैं अब यह किसी से छिपा नहीं हैं।
भाजपा वालों के लिए गुड न्यूज़
होलाष्टक के बाद भाजपा में उत्साह का वातावरण है। उत्साह है पद और प्रतिष्ठा को लेकर। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी से लेकर मध्यप्रदेश में निगम मंडलों तक राजनैतिक नियुक्तियों की फेहरिस्त कभी भी सार्वजानिक पटल पर आ सकती हैं। मोहन यादव सरकार बनने के बाद से ऐसी चर्चाएं चलती रहीं की अब नियुक्तियां होंगी और तब नियुक्तियां होंगी। लेकिन हुआ कुछ नहीं। भाजपा नेताओं के लिए यह समय प्रसव पीड़ा जैसा ही है। तक़रीबन दो सालों से पद पाने के लिए कुछ भाजपा नेता तो जमीन आसमान नापे हुए हैं। इसके बाद भी अब तक उनके हाथ कुछ नहीं लगा है। लेकिन अब खबर आई है तीन दर्जन से अधिक नेताओं को शीघ्र ही गुड न्यूज मिलने वाली है। भोपाल से दिल्ली होते हुए नाम फिर भोपाल आ गए हैं।
राजौरा मुख्य सचिव
डॉ राजेश राजौरा मुख्यसचिव बनते बनते चूक गए थे और अनुराग जैन को प्रदेश का मुख्यसचिव बना दिया गया था। लेकिन अब वे बतौर प्रभारी मुख्यसचिव कार्य कर रहे हैं। इसकी वजह है मुख्य सचिव अनुराग जैन का छुट्टी पर चले जाना। जैन साहब अपना प्रभार डॉ राजौरा को सौंप गए हैं। इसे लेकर मंत्रालय में किस्म किस्म की कानाफूसी चल रही हैं। कोई इसे जैन साहब की दरियादिली बता रहा है तो कोई इसे आपसी अंडरस्टैंडिंग का मामला बता रहा है। मामला जो भी हो डॉक्टर राजौरा मुख्य सचिव के चार्ज में तो आए।
विधायक जी टारगेट हो गए
उज्जैन उत्तर विधानसभा से भाजपा विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा की बैठे ठाले जमकर क्लास लग गई। उज्जैन में सिंहस्थ के मद्देनजर विकास कार्य चल रहे हैं। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण अन्य विकास कार्यों के लिए अधिग्रहण का काम चल रहा है। ऐसे में लोग आंदोलनरत होते ही हैं। उनको समझाने की बजाए विधायक जैन सबके साथ खुद आंदोलन पर उतर आये और भाजपा कार्यालय पहुँच गए। इसके बाद उज्जैन से भोपाल तक भाजपा ने इसे गंभीरता से लिया और विधायक को भोपाल तलब कर लिया। भोपाल में भाजपा मुख्यालय में प्रदेश भाजपा प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने विधायक महोदय की जम कर क्लास लगा दी और उन्हें अपनी सीमाओं का पालन करने की नसीहत भी दे दी। बताते हैं लोगों के साथ मिलकर विधायक जैन मुख्यमंत्री मोहन यादव को टारगेट करना चाह रहे थे।
नेतानगरी में होली कैसी-कैसी
इस बार सबसे ज्यादा होली नेताओं को चढ़ी। दो दशक पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के घर की होली बड़ी चर्चित रहती थी। घर के बगीचे में उमा भारती गड्ढा करवाकर पानी भरवातीं और फिर मिट्टी होली होती थी। उसमें जमकर धमाचौकड़ी हुआ करती थी। तब उमा की होली को फेल करने के लिए मुख्यमंत्री निवास में होली मानने का चलन मुख्यमंत्री रहते शिवराज सिंह ने शुरू किया। मुख्यमंत्री निवास की होली बड़ी शालीन हुआ करती थी सिर्फ फूल और अबीर और शिवराज सिंह के स्वर में फाग। आरम्भ में यह आयोजन सिर्फ मीडिया और चुनिंदा नेताओं के लिए होता था। इसमें भीड़ बढ़ी और मुख्यमंत्री निवास की होली भी धमाचौकड़ी वाली हो गई। अब मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मुख्यमंत्री निवास में जम के होली खेलते हैं। इसमें रंगों का तड़का विधायक रामेश्वर शर्मा लगाते हैं। लेकिन इसके बाद भी मामा के घर यानि शिवराज सिंह के घर की होली की छटा भी निराली रहती है। पूर्व भाजपा अध्यक्ष वी डी शर्मा के घर भी जमकर होली होती है जो इस बार भी हुई। भाजपा के लोग होली की मस्ती में रहें और कांग्रेस पीछे रह जाए यह भी संभव नहीं। इसलिए भाजपा से प्रेरणा लेकर जीतू पटवारी और अन्य कांग्रेसी भी होली की रस्मअदायगी कर लेते हैं।