ग्वालियर की 22 वर्षीय अनुष्का शर्मा का भारतीय महिला क्रिकेट टीम में चयन। गली क्रिकेट से टीम इंडिया तक का सफर, WPL में शानदार प्रदर्शन के बाद मिली बड़ी सफलता।
कर हर मैदान फतेह कर हर मैदान फतेह... संजू फिल्म का यह गीत जैसे ग्वालियर की होनहार बेटी अनुष्का शर्मा ने अपना लक्ष्य ही बना लिया हो, पहले मध्य प्रदेश टीम में चयन, फिर मध्य प्रदेश टीम की कप्तान बनी तो जमकर चौके छक्के लगाए बीच में महिला आईपीएल के लिए चुनी जाकर ग्वालियर और मध्य प्रदेश के लिए देश भर में नाम कमाया। अब एक बार फिर अनुष्का को धुरंधर सफलता मिली है, ग्वालियर के माधव नगर में गली क्रिकेट खेलने वाली 22 साल की अनुष्का शर्मा अब भारत के लिए क्रिकेट के मैदान पर उतरने वाली है, साउथ अफ्रोका टी 20 टूर्नामेंट के लिए भारतीय क्रिकेट टीम में शामिल ग्वालियर की अनुष्का शर्मा का नाम भी आप स्कोर कार्ड पर देख सकेंगे, वाकई में में यह गर्व करने का दिन है, हाईस्कूल में में पढ़ने वाले अपने भाई को बॉलिंग कराते-कराते कब क्रिकेट ग्वालियर की काबिल बेटी अनुष्का शर्मा का पैशन और पहचान बन जाएगा माधव नगर के शर्मा परिवार ने सोचा न था।
आज 22 साल की अनुष्का शर्मा 15 सदस्य यह भारतीय टीम में चुने जाकर पूरे देश की नजरों में आ चुकी हैं, सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं की भरमार है तो ऑनलाइन वेब पोर्टल से लेकर समाचार पत्रों एवं खेल से जुड़ी खबरों में उनका नाम छाया हुआ है, लोगों में जिज्ञासा है कि जिस तरह वूमेंस प्रीमियर लीग में अपने पहले ही मैच में उन्होंने 30 गेंद पर 44 रनों की आक्रामक पारी खेली थी वही अनुष्का अब दक्षिण अफ्रीका टीम के सामने अपना भाई आक्रामक प्रदर्शन दोबारा करेंगी। ग्वालियर एवं मध्य प्रदेश के उनके प्रशंसकों को याद है कि किस तरह उन्होंने मध्य प्रदेश अंडर 19 गर्ल्स क्रिकेट टीम की कप्तान रहते हुए विराट कोहली की तरह आक्रमक कसानी की थी और ऑलराउंडर बैट्समैन रहकर बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों से सूबे का नाम क्रिकेट के मैदाने पर रोशन किया था।
परिवार का सपना साकार हुआ
अनुष्का की रूम स्वर्णिम सफलता से पूरा शर्मा परिवार भावुक एवं उल्लास से भरा हुआ है, अपने बच्चों की खिलाड़ी भावना को नगर के वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन शर्मा व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती नौलम शर्मा ने हमेशा प्रोत्साहित किया है। वे कहते हैं यह कामयाबी दरअसल अनुष्का और उनके बेटे आयुष की संयुक्त कामयाबी कहीं जा सकती है, इसका रहस्य बताते हुए वरिष्ठ पत्रकार श्री बृजमोहन शर्मा उत्साह से कहते हैं कि आईआइटी मुंबई से पासआउट बेटे आयुष शर्मा ने ही जाने अनजाने रौनक को क्रिकेट की पिच तक पहुंचाया है। दरअसल आयुष का क्रिकेट के प्रति बचपन से हद दर्जे का लगाव रहा है। आयुष की क्रिकेट के प्रति दीवानगी कुछ ऐसी थी कि मेज पर पढ़ते पढ़ते भी उसके हाथ में बैट बना रहता था बीच बीच में अल्पविराम लेकर क्रिकेट के बल्ले से आयुष शॉर्ट लगाने की प्रैक्टिस करता रहता था। आयुष जब दसवीं में आया तो उसकी 6 साल की बहन अनुष्का उसके साथ छत पर क्रिकेट खेलती। आयुष बैटिंग करता ती अनुष्का बालिंग करती थी। दोनों का छत क्रिकेट घंटों चलता रहता। इस तरह बचपन से खेलते खेलते अनुष्का का क्रिकेट से लगाव बढ़ता चला गया। अनुष्का को कॉलोनी के लड़कों की टीम में मैच जिताऊ खिलाड़ी के रुप में पसंद किया जाने लगा।
अनुष्का जब कॉलोनी की ऑलराण्डर बनी तो आखिर हम गर्मियों की छुट्टियों में उसे कंपू के खेल शिविर ले गए। यहां क्रिकेट कोच हेमा राजनगांवकर ने अनुष्का के जबर्दस्त खेल को पहचाना और उसे क्रिकेट के बाकी गुर भी सिखलाए। हालत ये रही कि जब टूनांमेंट खत्म हुआ ती अनुष्का पर बेस्ट ऑलराण्डर से लेकर बेर सारे पुरस्कार थे। बस तब से अनुष्का ने क्रिकेट के मैदान में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा, वर्तमान में श्री राम एक्सप्रेस समाचार पत्र के संपादक की जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे ब्रजमोहन जी कहते हैं कि भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अनुष्का का चयन उसकी निरंतरता एवं मेहनत का है ने परिणाम है।
अनुष्का का चयन ग्वालियर के क्रिकेट जगत में उत्साह का संचार कर गया अनुष्का शर्मा के परिजन एवं करीब से जानने वाले कहते हैं कि ग्वालियर की बेटी साबित कर दिया कि गली में खेलने वाले बच्चे अगर प्रतिभाशाली हो तो वे भी सचिन तेंदुलकर की तरह बन सकते हैं, अनुष्का का टीम इंडिया में सिलेक्शन कई सपनों को हौसला देगा।
विराट कोहली प्रेरणा हैं मगर बनाऊंगी अपनी अलग पहचान
अनुष्का शर्मा गली क्रिकेट खेलती चलती हुई भारतीय महिला क्रिकेट टीम में अपनी जगह चनाने में कामयाब हुई है, वे कहती हैं कि मेरी प्रेरणा विराट कोहली हैं क्योंकि वे लगातार सीख सीखकर आज इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने हम जैसे देश भर के अनगिनत बच्चों और टीएनजर को प्रेरित किया है कि लगातार सीखते हुए टॉप पर पहुंचा जा सकता है। अनुष्का महिला क्रिकेट में मिताली राज के खेल की प्रशंसक है।
देश के लिए चुनकर अब धुरंधर खेलना लक्ष्य
अनुष्का ने मध्य प्रदेश की कमान चुने जाने पर स्वदेश से साक्षात्कार में कहा था कि एमपी के लिए खेलते हुए आगे भारत की महिला क्रिकेट टीम के लिए खेलना मेरा लक्ष्य है। खुशी की बात है कि आज दक्षिण आफ्रीका अ20 सीरीज के लिए चुनी जाने पर उनका यह लक्ष्य पूरा हो गया है, आगे भारत के लिए जीत हासिल करना और धुरंधर बल्लेबाजी करना उनका लक्ष्य है।
सभी क्रिकेट फॉर्मेट में कामयाब रही अनुष्का.....
भारतीय टीम में चुने जाने से पहले ग्वालियर की अनुष्का शर्मा का क्रिकेट करियर काफी चमकीला रहा है, वूमेन प्रीमियर लीग में 45 लाख के साथ पूरे भारत में पहचान मिली थी, अनुष्का इससे पहले अडर 16 एवं अब अंडर 19 गर्लस क्रिकेट की कप्तान के रुप में ग्वालियर का नाम पूरे मध्यप्रदेश में रोशन कर चुकी है। 2017 में उन्होंने मप्र महिला महिला क्रिकेट टीम के लिए डेब्यू किया। अनुष्का कहती हैं कि मैं अभी तीसरे क्रम पर बल्लेबाजी करती हूं और मैं ओपनिंग से लेकर किसी भी क्रम में आने में सहज हूं। मैं अब कहां और किस क्रम में बल्लेबाजी करूंगी यह भारतीय महिला क्रिकेट टीम के हमारे वरिष्ठ तय करेंगे, 22 साल की अनुष्का कला विषय की छात्रा हैं और पढ़ाई और क्रिकेट में बेहतरीन संतुलन बनाए हैं। वे कहती हैं प्रोफेशनल क्रिकेट में आने के बाद श्री मधुराज शर्मा एवं वर्तमान में श्री अरुण सिंह मेरे क्रिकेट कोच है जिन्होंने मेरी कमियां दूर कर मेरा तकनीकी पक्ष मजबूत किया है आज मैं कोच सर की वजह से ही इस मुकाम तक पहुंची हूँ।