Breaking News
  • राहुल राजस्थान से करेंगे पेपरलीक के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत, 17 जून को कोटा में स्टूडेंट सम्मेलन
  • भारतीय मल्टी लेयर्ड बैलिस्टिक डिफेंस सिस्टम का टेस्ट कामयाब: 5000km से आ रही मिसाइल को मार गिराएगा
  • फ्रैंकफर्ट से हैदराबाद आ रही लुफ्थांसा की फ्लाइट को बम से उड़ाने की धमकी
  • अभिषेक बनर्जी के घर रात 3 बजे पुलिस की रेड: चार घंटे तक तलाशी
  • असम: वायुसेना विमान हादसे में पांच जवान शहीद, जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हुआ था AN-32 मालवाहक

होम > विशेष

MP Politics: BJP Rift, Congress Strategy and Triba

जो लिखूंगा सच लिखूंगा...

भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर के बीच चल रहे विवाद की जानकारी सामने आई है। विधायक ने मंत्री की शिकायत केंद्रीय मंत्री तक पहुँचाई।


जो लिखूंगा सच लिखूंगा

अनुराग उपाध्याय

मंत्री तोमर सबसे बड़े ज्ञानी

भाजपा के भीतर भी खटपट चल रही है। कहीं विधायक मंत्री को तो कहीं मंत्री विधायक को कोस रहे हैं। लेकिन ताजा मामला भाजपा विधायक पन्नालाल शाक्य और ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर से जुड़ा है। तोमर इस समय शाक्य की आँख की किरकिरी बने हुए हैं। विधायक शाक्य का कहना है ऊर्जा मंत्री सबसे बड़े ज्ञानी हैं। वे खंभे पर चढ़ जाते हैं, नाले में उतर जाते हैं। अरे वे तो महाराज से भी बड़े हैं। शाक्य ने तोमर की शिकायत केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तक से कर दी है। शाक्य पार्टी के उचित मंचों पर भी तोमर की शिकायत कर रहे हैं। तोमर से शाक्य की क्या खुन्नस है अभी इसका खुलासा नहीं हुआ है। लेकिन बताते हैं एक बार मंत्री जी ने हाथ पकड़कर विधायक जी को दाएं-बाएं कर दिया था। तब से उनका गुस्सा सातवें आसमान पर है।

कांग्रेस का सोशल मीडिया प्लान

फिलहाल अगले चुनावों को लेकर कांग्रेस की जमीन पर कोई खास तैयारी नहीं दिख रही। लेकिन वो बूथ स्तर तक सोशल मीडिया वॉरियर तैयार करने के काम शुरू कर चुकी है। प्रदेश कांग्रेस की मंशा है वो जुलाई से सोशल मीडिया पर धूम धड़ाका शुरू कर दे। हालाँकि कांग्रेस को यह आइडिया भाजपा की सोशल मीडिया टीम की रचना देखकर ही आया है। भाजपा इस मामले में जिले तक पहुंची है तो कांग्रेस उससे भी नीचे बूथ स्तर तक जाना चाहती है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब कांग्रेस के पास बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं का ही टोटा है ऐसे में वो बूथ स्तर तक सोशल मीडिया का उपयोग करके क्या कार्यकर्ता तैयार करेगी। कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी की मंशा है उनके सोशल मीडिया वॉरियर भाजपा के नैरेटिव का मुकाबला कर कांग्रेस को नई दिशा देंगे। कांग्रेस इस अभियान के माध्यम से इन्फ्लुएंसर्स को अपने कंट्रोल रूम से जोड़ेगी। कांग्रेस की इसके बाद नजर लेखकों, वीडियो एडिटर्स, ग्राफिक डिजाइनर्स, कार्टूनिस्ट, कवि, लोक कलाकारों और मोटिवेशनल स्पीकर्स पर भी है।

कचरे के ढेर पर विधायक जी

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर गंदगी देखकर सफाई करने नाले में उतर जाते हैं तो वहीं सिरोंज से भाजपा विधायक उमाकांत शर्मा नाले नाली की साफ नहीं होने से नाराज होकर नाली के पास कचरे के ढेर पर धरना देने बैठ गए। लोग इसे विधायक जी का स्टंट भी कह सकते हैं। विधायक जी को साफ सफाई को लेकर सब्जी मंडी इलाके से बहुत शिकायतें आ रही थीं। संबंधित अधिकारी पता नहीं किस नशे में सफाई करवाने के लिए तैयार नहीं थे, ऐसे में मजबूरन विधायक को सत्याग्रह करना पड़ा। बड़ी विडम्बना है जब सिस्टम गूंगा बहरा हो जाए तो एक जनसेवक या नेता क्या करे? उसके पास आखिरी रास्ता यही बचता है। आप ही सोचिये, हालात कितने लचर हो गए हैं कि सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक को अपने ही सिस्टम के खिलाफ धरना देना पड़ रहा है।

ऊंट, विधायक के नीचे

बात विधायक की चली है तो आपको बता दें कांग्रेस के चर्चित विधायक महेश परमार के एक वीडियो की इन दिनों खूब चर्चा हो रही है। परमार साहब एक ऊंट की सवारी कर रहे हैं। ऊंट के विधायक को पीठ पर बैठाने से लेकर चलने तक, हर अदा पर लोग कमेंट कर रहे हैं। एक नेता जी ने लिखा है आज आया है ऊंट, विधायक के नीचे। एक व्यक्ति ने टिप्पणी की ऊंट बड़ा या विधायक। एक यूजर ने लिखा है राजनीति में कहा जाता है किस करवट बैठेगा ऊंट, क्या विधायक जी कांग्रेस में रहेंगे या ऊंट के माफिक भाजपा की तरफ भी बैठ जाएंगे।

सिंघार मुख्यमंत्री पद के दावेदार

अगले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस एक बार फिर अपने परंपरागत ट्राइबल फॉर्मूले के गुणा भाग पर काम कर रही है। दिल्ली में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष खरगे की मुलाकात के बाद इस पर काम शुरू हुआ है। सिंघार स्वयं जनजातीय समाज से आते हैं। कांग्रेस को लगता है सत्ता का रास्ता जनजातीय समाज से ही निकलेगा। वैसे आपको बता दें प्रदेश की 101 सीटों पर जनजातीय समाज का दबदबा है। कांग्रेस से जब-जब जनजातीय समाज छिटका है तब-तब कांग्रेस प्रदेश में सत्ता से दूर हुई है। खबरी बताते हैं उमंग सिंघार ने तो पार्टी के आला नेताओं को सलाह दी है कि जनजातीय समाज के किसी व्यक्ति को मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट किया जाए। अगर कांग्रेस ऐसा करती है तो उमंग सिंघार भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में सामने आ सकते हैं। सवाल ये उठता है फिर जीतू पटवारी, दिग्विजय सिंह, कमलनाथ जैसे नेता क्या करेंगे।

 

Related to this topic: