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जानिए, कब है वसंत पंचमी का पर्व, विशेष पूजा से विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

जानिए, कब है वसंत पंचमी का पर्व, विशेष पूजा से विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ

नई दिल्ली। वसंत पंचमी का पर्व इस बार 29 जनवरी को मानाया जाने वाला है। ऐसे में वसंत पंचमी पर देवी सरस्वती की पूजा करते हैं और यह पर्व हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाते हैं। ऐसे में छात्रों और कलाकारों के लिए सरस्वती पूजा का विशेष महत्व होता है और इस दिन मां सरस्वती की पूजा करने से विद्यार्थियों को बुद्धि और विद्या का वरदान प्राप्त होता है। देवी सरस्वती की पूजा करते समय कुछ खास बातों का ध्यान रखें और पूजा में देवी सरस्वती की 5 प्रिय वस्तुएं जरूर भेंट करनी चाहिए। आइए जानते हैं उन 5 चीज़ों को।

- देवी सरस्वती को पीले रंग के फूल प्रिय होते हैं इस कारण बसंत पंचमी के दिन फूलों से देवी की पूजा करनी चाहिए। जी हाँ, इसी के साथ देवी को प्रसन्न के लिए आप गेंदे और सरसों के पुष्प उन्हें चढ़ा सकते हैं। बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती को बूंदी का प्रसाद चढ़ाना चाहिए क्योंकि यह बहुत अच्छा होता है।

- बूंदी पीले रंग की होती है और यह गुरु से संबंधित वस्तु भी है जो ज्ञान के कारक ग्रह हैं। ऐसे में देवी सरस्वती को बूंदी अर्पित करने से गुरु अनुकूल होते हैं और ज्ञान प्राप्ति में आने वाली बाधा दूर होती है।

- बंसत पंचमी के दिन पीले रंग का विशेष महत्व माना जाता है इस कारण सफेद की जगह पीले रंग के वस्त्र अर्पित करना चाहिए और पहनना भी चाहिए। इससे दिन बहुत शुभ होता है।

- सरस्वती पूजा में पेन और कॉपी जरूर शामिल करना चाहिए क्योंकि इससे बुध की स्थिति अनुकूल होती है जिससे बुद्धि बढ़ती है और स्मरण शक्ति भी अच्छी होती है।

- केसर और पीला चंदन का तिलक करना चाहिए और खुद भी लगाना चाहिए। वहीं ज्योतिषशास्त्र में इसे गुरु से संबंधित वस्तु कहा गया है जिससे ज्ञान और धन दोनों के मामले में लाभ होता है।

बसंत पंचमी को क्या करें

बसंत पंचमी के दिन सुबह उठकर नित्यक्रम से निवृत्त होकर कलश (घट) स्थापित कर उसपर सरस्वती विग्रह स्थापित करें। उसके पास मां सरस्वती का आह्वान करें और ''ऊं सरस्वत्य नम:'' मंत्र का जाप 108 बार जाप करें। माना जाता है कि ऐसा करने से निश्चित रूप से विद्यार्थियों पर मां सरस्वती की विशेष कृपा होगी। पूजा-अर्चना के समय मां सरस्वती को सफेद वस्तु जैसे दूध, दही, मक्खन, सफेद तिल का लड्डू, सफेद चंदन सफेद फूल सफेद वस्त्र नारियल शादी चढ़ाएं, बाद में इसी प्रसाद को वितरित करें। जिन विद्यार्थियों का मन पढ़ाई-लिखाई आदि में नहीं लगता है, उनके लिए यह बेहतर उपाय है।

Updated : 2020-01-29T10:37:17+05:30
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Swadesh Digital

स्वदेश वेब डेस्क www.swadeshnews.in


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