सावन के दूसरे सोमवार पर मध्य प्रदेश के शिवालयों में विशेष पूजा-अर्चना, भस्म आरती और कांवड़ यात्रा के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। उज्जैन में महाकाल की आरती में विशेष श्रृंगार और पंचामृत अभिषेक संपन्न हुआ।
सावन के दूसरे सोमवार पर मध्य प्रदेश के शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। इस बार सोमवार के साथ प्रदोष का संयोग भी बना है, जिससे महाकाल, ओंकारेश्वर समेत प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जा रही है।

उज्जैन में भगवान महाकाल की भस्म आरती के लिए मंदिर के कपाट तड़के 2:30 बजे खोले गए। आरती से पहले भगवान का पंचामृत अभिषेक किया गया और फिर भांग, चंदन, ड्रायफ्रूट, फूलों और रजत आभूषणों से विशेष श्रृंगार किया गया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के उप राज्यपाल मनोज सिन्हा भी भस्म आरती में शामिल हुए।
महाकाल का पंचामृत अभिषेक, फिर हुआ विशेष श्रृंगार
भस्म आरती की परंपरा के अनुसार सबसे पहले सभा मंडप में भगवान शिव के गण वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन कर आज्ञा ली गई। इसके बाद चांदी का पट खोला गया और कर्पूर आरती की गई।नंदी हॉल में नंदी का स्नान, ध्यान और पूजन हुआ। भगवान महाकाल का जल से अभिषेक करने के बाद दूध, दही, घी, शक्कर, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजा की गई।
भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट से श्रृंगार
इसके बाद महाकाल को रजत चंद्र, त्रिशूल, मुकुट और अन्य आभूषण धारण कराए गए। भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट से श्रृंगार किया गया। शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल और रुद्राक्ष की माला भी धारण कराई गई। भगवान को फल और मिठाई का भोग लगाया गया।भस्म आरती की प्रक्रिया पूरी होने तक बाबा महाकाल निराकार स्वरूप में रहते हैं।
प्रदोष के संयोग से बढ़ी श्रद्धालुओं की भीड़
सावन सोमवार के साथ प्रदोष का संयोग होने से इस दिन की धार्मिक मान्यता और बढ़ गई है। महाकाल मंदिर के पुजारी ओम गुरु के मुताबिक, प्रदोष काल में भगवान शिव की आराधना का विशेष महत्व माना जाता है।उज्जैन में देशभर से श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचे हैं। पिछले सावन सोमवार को ही 6.13 लाख श्रद्धालुओं ने महाकाल के दर्शन किए थे।
ओंकारेश्वर में सुबह 4 बजे से लगी कतार

खंडवा जिले की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में भी सावन के दूसरे सोमवार पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। यहां ज्योतिर्लिंग का महाशृंगार किया गया और महाभोग लगाया गया।दर्शन के लिए सुबह करीब 4 बजे से ही लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। बाबा ओंकार को बेलपत्र और फूलों से सजाया गया।
जबलपुर में 33 किलोमीटर की कांवड़ यात्रा
जबलपुर में सावन सोमवार के मौके पर 33 किलोमीटर लंबी संस्कार कांवड़ यात्रा शुरू हो चुकी है। गौरीघाट से कैलाश धाम तक निकल रही इस यात्रा में मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी शामिल हुए।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के भी यात्रा में शामिल होने की जानकारी दी गई है। यात्रा के लिए 300 से ज्यादा सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने रास्ते में पंडाल लगाए हैं। यह संस्कार कांवड़ यात्रा का 16वां वर्ष है।