रक्षाबंधन पर राखी बांधने के लिए सुबह 5:57 से 9:48 बजे और 11:56 से 12:48 बजे तक शुभ समय रहेगा। राहुकाल में राखी बांधने से बचें।
रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त को मनाया जाएगा। इस दिन भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए कई शुभ समय बताए गए हैं। बहनें इन मुहूर्त में राखी बांध सकती हैं। पहला शुभ मुहूर्त सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक रहेगा। इसके बाद सुबह 11:56 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक भी राखी बांधना शुभ माना गया है।
चंद्र ग्रहण का समय
28 अगस्त को चंद्र ग्रहण सुबह 6:53 बजे शुरू होकर दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगा। ग्रहण का चरम समय सुबह करीब 9:43 बजे बताया गया है। हालांकि यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। ऐसे में यहां शुभ मुहूर्त में राखी बांधने को लेकर ग्रहण संबंधी रोक नहीं रहेगी।
राहुकाल में राखी बांधने से बचें
रक्षाबंधन के दिन राहुकाल सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं में राहुकाल को शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता। इसलिए इस अवधि को छोड़कर राखी बांधना बेहतर रहेगा।
शाम को भी बांध सकते हैं राखी
अगर किसी कारण से सुबह या दोपहर में राखी बांधना संभव न हो तो शाम को भी यह रस्म की जा सकती है। शाम 6:47 बजे से 7:10 बजे तक गोधूलि वेला रहेगी। इसके अलावा शाम 7:44 बजे से रात 9:23 बजे तक अमृत काल बताया गया है।
राखी बांधने की सही विधि
सबसे पहले पूजा की थाली तैयार करें। इसमें राखी, रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, फूल और मिठाई रखें। भगवान गणेश, भगवान विष्णु और इष्टदेव का पूजन करने के बाद भाई को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठाएं। भाई के माथे पर रोली या कुमकुम का तिलक लगाएं और उसके ऊपर अक्षत लगाएं। इसके बाद भाई के दाहिने हाथ में पीली कौड़ी रखकर मुट्ठी बंद करवाएं और कलाई पर राखी बांधें। इस दौरान 'येन बद्धो बलिराजा...' मंत्र का जाप करना शुभ माना जाता है।
राखी बांधने के बाद बहन भाई की आरती उतारे और उसके अच्छे स्वास्थ्य, लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करे। इसके बाद मिठाई खिलाएं। भाई भी बहन की रक्षा और हर परिस्थिति में उसके साथ खड़े रहने का संकल्प लेते हुए उसे उपहार दे।