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Kashmir Dashar Kumbh 2026 Announced in Delhi

कश्मीर दशार कुंभ 2026, प्राचीन आध्यात्मिक विरासत के पुनरुद्धार पर जोर

नई दिल्ली में कश्मीर दशार कुंभ 2026 की घोषणा की गई। 15 से 24 जुलाई तक होने वाले इस आयोजन का उद्देश्य कश्मीर की प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को पुनर्जीवित करना है।


कश्मीर दशार कुंभ 2026 प्राचीन आध्यात्मिक विरासत के पुनरुद्धार पर जोर

नई दिल्ली:   कश्मीर दशार कुंभ 2026, कश्मीर की प्राचीन आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन स्वामी काविकानंद सरस्वती के सानिध्य में और ज्योतिषाचार्य पंडित ओंकारनाथ शास्त्री के मार्गदर्शन में किया जाएगा।

10 दिवसीय महोत्सव, जुलाई में होगा आयोजन

आयोजकों के अनुसार यह 10 दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव 15 जुलाई से 24 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसका आयोजन कश्मीर के गांदरबल जिले स्थित शादिपोरा-वसकुरा संगम पर प्रस्तावित है। यह स्थान झेलम (वितस्ता) और सिंधु नदियों के संगम के रूप में जाना जाता है, जिसे धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

आयोजन में धार्मिक अनुष्ठान, शास्त्रार्थ, प्रवचन और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसमें कश्मीरी लोक और शास्त्रीय संगीत के कार्यक्रम भी शामिल रहेंगे। आयोजकों का कहना है कि यह कार्यक्रम श्रद्धालुओं को कश्मीर की प्राचीन सभ्यता और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास करेगा।

ज्योतिषीय आधार पर आयोजन

ज्योतिषाचार्य पंडित ओंकारनाथ शास्त्री ने बताया कि ‘दशार’ शब्द दस विशेष खगोलीय योगों के संयोग को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में ग्रहों के विशेष संरेखण के दौरान यह आयोजन किया जाएगा, जो धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। उनके अनुसार लगभग 75 वर्षों बाद इस प्रकार का योग बन रहा है, जो कश्मीर क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आयोजन समिति के अध्यक्ष स्वामी काविकानंद सरस्वती ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य कश्मीर की प्राचीन आध्यात्मिक विरासत को पुनर्स्थापित करना और समाज को एकता का संदेश देना है। उन्होंने इसे भविष्य में प्रस्तावित बड़े धार्मिक आयोजनों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। आयोजन की तैयारियां स्थानीय स्तर पर शुरू कर दी गई हैं।

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