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Akshaya Tritiya 2026: Marriage Muhurat Details

एक माह से चल रहा खरमास 14 को होगा खत्म, 15 से विवाह के मुहूर्त

अक्षय तृतीया 2026 पर अबूझ मुहूर्त 20 अप्रैल को रहेगा। 14 अप्रैल को खरमास समाप्त, 15 से शादी के शुभ मुहूर्त शुरू होंगे। अप्रैल में कई विवाह के शुभ समय तय किए गए हैं।


एक माह से चल रहा खरमास 14 को होगा खत्म 15 से विवाह के मुहूर्त

सूर्य देव मंगलवार 14 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसके साथ ही एक माह से चल रहा खरमास समाप्त हो जाएगा और शादी के मुहूर्त एवं शुभ मांगलिक कार्य 15 अप्रैल से शुरू हो जाएंगे। अक्षय तृतीया सहित 8 शुभ मुहूर्त होंगे।

ज्योतिषाचार्य पंडित विनोद गौतम के अनुसार, 14 अप्रैल को सुबह 9:38 बजे सूर्य देव मेष राशि में गोचर करेंगे। इसके साथ ही 15 मार्च से शुरू हुआ खरमास समाप्त हो जाएगा और सगाई, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्यों के लिए 15 अप्रैल, बुधवार को उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में दोपहर 3:22 बजे से रात 10:31 बजे तक का समय बेहद शुभ और सफल वैवाहिक जीवन की शुरुआत के लिए अनुकूल रहेगा।

उन्होंने बताया कि अप्रैल में शादी के लिए कई अच्छे मुहूर्त बन रहे हैं, जिनमें अलग-अलग तारीखों पर शुभ नक्षत्र और समय का खास संयोग देखने को मिलेगा।

ये हैं शुभ मुहूर्त

20 अप्रैल, सोमवार को रोहिणी नक्षत्र में सुबह 4:35 बजे से 7:28 बजे तक विवाह के लिए अनुकूल मुहूर्त है। 21 अप्रैल, मंगलवार को मृगशिरा नक्षत्र में सुबह 4:15 बजे से 5:52 बजे तक का समय शुभ माना गया है।

25 अप्रैल, शनिवार को भी विवाह के लिए शुभ समय रहेगा, क्योंकि इस दिन संधि काल का प्रभाव कम रहेगा। 26 अप्रैल, रविवार को मघा नक्षत्र में सुबह 5:47 बजे से रात 8:27 बजे तक लंबा और अनुकूल समय है। 27 अप्रैल, सोमवार को उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में रात 9:18 बजे से 9:35 बजे तक का छोटा लेकिन शुभ मुहूर्त बन रहा है, जो दांपत्य जीवन में सुख-समृद्धि लाने वाला माना जाता है।

28 अप्रैल, मंगलवार को पूरे दिन विवाह के लिए अच्छा समय उपलब्ध रहेगा और नक्षत्र का प्रभाव सकारात्मक रहेगा। वहीं महीने के अंत में 29 अप्रैल, बुधवार को हस्त नक्षत्र के दौरान सुबह 5:59 बजे से शाम 7:52 बजे तक का समय शादी के लिए शुभ माना गया है।

मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया एक ऐसा दिन है जिसे अबूझ मुहूर्त कहा जाता है। यानी इस दिन बिना अधिक गणना के भी शादी या कोई भी शुभ कार्य किया जा सकता है। कहा जाता है कि इस दिन किए गए शुभ कार्यों और दान का फल कभी समाप्त नहीं होता और इससे जीवन में स्थिरता और सुख-समृद्धि बनी रहती है।

वैवाहिक सुख के लिए ग्रह गोचर होता है श्रेष्ठ

पंचांगकर्ता पंडित रामकिशोर वैदिक ने बताया कि अप्रैल में शादी-ब्याह के लिए ग्रहों की चाल भी अनुकूल मानी जा रही है। इस दौरान गुरु और शुक्र दोनों ही अच्छी स्थिति में रहेंगे। गुरु रिश्तों में समझ और स्थिरता लाते हैं, जबकि शुक्र प्रेम, आकर्षण और सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। इन ग्रहों का शुभ होना वैवाहिक जीवन के लिए अच्छा संकेत देता है। इस महीने अधिकतर मुहूर्त में भद्रा और पंचक जैसे अशुभ योग नहीं बन रहे हैं, जिससे शादी के लिए समय और भी बेहतर हो जाता है।

 

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