Breaking News
  • स्वदेश के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ें और हर बड़ी खबर सबसे पहले पाएं।
  • YouTube: @SwadeshNews, Facebook: @DainikSwadesh, Instagram: @swadesh_news1, X: @DainikSwadesh

होम > धर्म

Aja Ekadashi 2026: Date, Puja Vidhi & Muhurat

Aja Ekadashi 2026: 7 सितंबर को अजा एकादशी, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और पारण से जुड़ी जरूरी बातें

अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर 2026 को रखा जाएगा। जानें भगवान विष्णु की पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, दान का महत्व और इस दिन किए जाने वाले मंत्र जाप।


aja ekadashi 2026 7 सितंबर को अजा एकादशी जानें पूजा विधि शुभ मुहूर्त और पारण से जुड़ी जरूरी बातें

ajA eKADASHI NEWS |

धर्म। हिंदू पंचांग में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना गया है। भाद्रपद कृष्ण पक्ष की एकादशी को **अजा एकादशी** के नाम से जाना जाता है। इस साल अजा एकादशी का व्रत 7 सितंबर 2026 को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की आराधना और व्रत करने की परंपरा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अजा एकादशी का व्रत विधि-विधान से करने से व्यक्ति को जाने-अनजाने में किए गए पाप कर्मों से मुक्ति मिलती है। यह भी मान्यता है कि इस व्रत से **अश्वमेध यज्ञ और एक हजार गौदान के समान पुण्य** प्राप्त हो सकता है।

अजा एकादशी पर स्नान और दान का महत्व

अजा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा के साथ स्नान, ध्यान और दान को भी शुभ माना गया है। अपनी सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंद लोगों को सात्विक वस्तुओं का दान करने की परंपरा है। र्मिक मान्यताओं में अलग-अलग मनोकामनाओं के लिए अलग वस्तुओं के दान का भी उल्लेख मिलता है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के लिए अन्नदान, आर्थिक समस्या से राहत की कामना के लिए वस्त्र, जूते या छाते का दान शुभ माना जाता है। वहीं,शीघ्र विवाह की कामना रखने वाले लोग केसर, केला या हल्दी का दान कर सकते हैं। विवाद या मुकदमे से राहत की कामना के लिए गुड़ या मिठाई का दान करने की मान्यता है।

अजा एकादशी 2026 के शुभ मुहूर्त

अजा एकादशी पर पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए दिन में कई शुभ समय बताए गए हैं।

ब्रह्म मुहूर्त/स्नान-दान:** सुबह 5:49 बजे से 6:32 बजे तक
संध्या काल मुहूर्त:** सुबह 6:10 बजे से 7:16 बजे तक
अभिजित मुहूर्त:** दोपहर 1:22 बजे से 2:14 बजे तक
विजय मुहूर्त:** शाम 4:00 बजे से 4:51 बजे तक

इन मुहूर्तों में अपनी सुविधा और स्थानीय पंचांग के अनुसार पूजा-पाठ किया जा सकता है।

 कैसे करें अजा एकादशी की पूजा?

अजा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर घर की साफ-सफाई करें। इसके बाद स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। स्नान के पानी में गंगाजल मिलाना शुभ माना जाता है। इसके बाद पूजा स्थल को साफ करके एक चौकी पर भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। भगवान विष्णु को पीले वस्त्र, पीले फूल और तुलसी दल अर्पित करें। पूजा में धूप, दीप, चंदन और नैवेद्य चढ़ाएं। इसके बाद भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें। श्रद्धालु चाहें तो **विष्णु सहस्रनाम** का पाठ भी कर सकते हैं। पूजा के अंत में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी से परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगल की कामना करें।

अजा एकादशी पर इन विष्णु मंत्रों का करें जाप

भगवान विष्णु की आराधना के दौरान इन मंत्रों का जाप किया जा सकता है-

1. ॐ उपेन्द्राय नमः

2. ॐ नमो नारायणाय

3. मंगलम भगवान विष्णु, मंगलम गरुड़ध्वजः।
मंगलम पुण्डरीकाक्ष, मंगलाय तनोहरिः।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, एकादशी के दिन भगवान विष्णु का स्मरण और भक्ति भाव से पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है।

अजा एकादशी पर क्या रखें ध्यान?

अजा एकादशी के दिन सात्विक जीवनशैली अपनाने और भगवान विष्णु की भक्ति में मन लगाने की परंपरा है। व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को अपनी क्षमता के अनुसार व्रत के नियमों का पालन करना चाहिए। साथ ही जरूरतमंद व्यक्ति को दान देना और भगवान विष्णु का ध्यान करना इस दिन के प्रमुख धार्मिक कर्मों में माना जाता है। 

नोट: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। पूजा और व्रत के मुहूर्त के लिए अपने स्थानीय पंचांग को प्राथमिकता दें।

Related to this topic: