एम्स भोपाल की जिम्मेदारी मिलने से पहले डॉ. कोटवाल ने ऐसा क्या काम किया है कि उन्हें भोपाल एम्स में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई।
Who is Dr. Kotwal: कौन हैं डॉ. कोटवाल? जो बने भोपाल एम्स के नए डायरेक्टर |
Bhopal AIIMS Dr. Kotwal: 37 साल तक सेना में सेवा, लेफ्टिनेंट जनरल के पद से रिटायरमेंट, और चार-चार राष्ट्रपतियों के फिजिशियन रह चुके हैं। अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ये डॉक्टर हैं कौन? डॉ. नरेंद्र कोटवाल जिन्हें अब एम्स भोपाल का नया डायरेक्टर बनाया गया है। केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दे दी है और उनका कार्यकाल कुल तीन साल का होगा। लेकिन एम्स भोपाल की जिम्मेदारी मिलने से पहले डॉ. कोटवाल ने ऐसा क्या काम किया है कि उन्हें भोपाल एम्स में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई।
कौन हैं डॉ. कोटवाल?
डॉ. नरेंद्र कोटवाल का करियर मेडिकल और सेना—दोनों से जुड़ा रहा है। उन्होंने भारतीय सेना में करीब 37 साल तक सेवा की। इस दौरान उन्होंने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालीं और आखिर में लेफ्टिनेंट जनरल के पद तक पहुंचे। यानी जिस डॉक्टर ने अब एम्स भोपाल की कमान संभालनी है, उनके पास मेडिकल अनुभव के साथ-साथ सेना में लंबे समय तक काम करने का प्रशासनिक अनुभव भी है। लेकिन उनके करियर की सबसे खास पहचान अभी बाकी है।
चार राष्ट्रपतियों के फिजिशियन रह कोटवाल
डॉ. कोटवाल चार राष्ट्रपतियों के फिजिशियन रह चुके हैं। यानी देश के राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद पर रहने वाले लोगों की मेडिकल देखभाल की जिम्मेदारी उन्होंने निभाई है।इस जिम्मेदारी के लिए सिर्फ मेडिकल नॉलेज ही नहीं, बल्कि काफी अनुभव और जिम्मेदारी की जरूरत होती है। और यही अनुभव उनके प्रोफाइल को बाकी डॉक्टरों से अलग बनाता है। अब उनके मेडिकल बैकग्राउंड की बात करें तो डॉ. कोटवाल जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले से आते हैं। उन्होंने जम्मू के मेडिकल कॉलेज से MBBS किया। इसके बाद AFMC पुणे से मेडिसिन में MD किया। और फिर PGI चंडीगढ़ से Endocrinology में DM की पढ़ाई पूरी की।
माने जाते है विशेषज्ञ
डॉ. कोटवाल को खास तौर पर डायबिटीज, थायरॉयड और एड्रीनल से जुड़ी बीमारियों का विशेषज्ञ माना जाता है। यानी उनका अनुभव सिर्फ सामान्य मेडिकल ट्रीटमेंट तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हार्मोन से जुड़ी मेजर डिसीसेस में भी वो काफी एक्सपर्ट है। और डॉ. कोटवाल की पहचान सिर्फ इलाज और प्रशासन तक सीमित नहीं है। उनके नाम 100 से ज्यादा रिसर्च पेपर प्रकाशित हो चुके हैं। यानी मेडिकल फील्ड में उन्होंने इलाज के साथ-साथ रिसर्च और अकादमिक क्षेत्र में भी काम किया है। अब यही अनुभव एम्स भोपाल जैसे बड़े संस्थान की जिम्मेदारी संभालने में कितना काम आता है, ये आने वाले समय में देखने वाली बात होगी।
तीन साल कर रहेगा कार्यकाल
केंद्र सरकार की कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने डॉ. नरेंद्र कोटवाल को एम्स भोपाल का डायरेक्टर बनाने को मंजूरी दे दी है। उनका कार्यकाल तीन साल का होगा। फिलहाल एम्स भोपाल के कार्यकारी निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दरभंगा एम्स के डॉ. माधवानंद के पास था। अब डॉ. कोटवाल इस जिम्मेदारी को संभालेंगे।