उत्तर प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र हंगामे के बीच शुरू हुआ। पहले दिन सपा विधायक आलम बदी को श्रद्धांजलि देने के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल के चार दिवसीय मानसून सत्र की शुरूआत सोमवार को विपक्ष के विरोध- प्रदर्शन के साथ हुई। विधानसभा परिसर में समाजवादी पार्टी ने शिक्षक भर्ती, राम मंदिर चढ़ावे में कथित अनियमितता और नीट पेपर लीक को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं, सदन के भीतर दिवंगत सपा विधायक आलम बदी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद बाद कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
श्रद्धांजलि के साथ पहले दिन सदन की कार्यवाही स्थगित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ की निजामाबाद सीट से पांच बार विधायक रहे आलमबदी के निधन पर शोक प्रस्ताव रखा। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने उनके सार्वजनिक जीवन और सामाजिक योगदान का उल्लेख किया। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय सहित विभिन्न दलों के नेताओं ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी। दो मिनट का मौन रखने के बाद सदन की कार्यवाही अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।
सदन के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन
कार्यवाही शुरू होने से पहले समाजवादी पार्टी के विधायक चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने धरने पर बैठे। प्रदर्शन के दौरान विधायक पोस्टर और दान पेटी लेकर पहुंचे। साथ ही शिक्षक भर्ती, राम मंदिर चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दों पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष का आरोप था कि सरकार जनहित से जुड़े सवालों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।
पहली बार वंदे मातरम का पूर्ण गायन हुआ
मानसून सत्र के पहले दिन विधानसभा में पहली बार वंदे मातरम का पूर्ण गायन किया गया। यह सत्र की शुरूआत का विशेष हिस्सा रहा। इसके बाद सदन की नियमित कार्यवाही शुरू हुई।
सीएम योगी ने सकारात्मक चर्चा की अपील की
सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सभी दलों से स्वस्थ और रचनात्मक चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि विधानसभा जनता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और समाधान का सबसे महत्वपूर्ण मंच है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि हर विधायक को अपने क्षेत्र की समस्याएं उठाने और सरकार से जवाब मांगने का पूरा अवसर मिलता ह। साथ ही उन्होंने आउटसोर्स कर्मचारियों के हित में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।