उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। 27 जिलों के DIOS और 21 जिलों के CMO के तबादले से कई अहम जिलों में नई जिम्मेदारियां तय हुई हैं।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रविवार को प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव देखने को मिला। योगी सरकार ने शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में व्यापक तबादले करते हुए दर्जनों जिलों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदल दीं। इस फैसले के बाद दोनों विभागों में नई तैनातियों को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सरकार ने एक साथ 27 जिलों में जिला विद्यालय निरीक्षकों (DIOS) और 21 जिलों में मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) को नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। लखनऊ, वाराणसी, गाजियाबाद, कानपुर और प्रयागराज जैसे अहम जिलों में भी नए चेहरे तैनात किए गए हैं।
शिक्षा विभाग में क्यों हुआ बड़ा बदलाव
माध्यमिक शिक्षा विभाग में संयुक्त शिक्षा निदेशक, उप शिक्षा निदेशक और अपर शिक्षा निदेशक स्तर तक फेरबदल किया गया है। सरकार का फोकस जिला स्तर पर निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और शैक्षणिक प्रशासन में तेजी लाने पर माना जा रहा है। राजधानी लखनऊ में देवेंद्र कुमार पांडेय को नया DIOS बनाया गया है। वहीं कानपुर नगर में प्रवीण कुमार तिवारी, गौतमबुद्धनगर में चंद्रशेखर और गाजियाबाद में बुद्ध प्रिय सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रयागराज की कमान संतोष कुमार राय, मथुरा की राघवेंद्र सिंह और बाराबंकी की अमिता सिंह को दी गई है। इन जिलों को शिक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।
कई जिलों में बदले गए जिला विद्यालय निरीक्षक
सरकार की तबादला सूची में सहारनपुर, बागपत, हरदोई, फिरोजाबाद, फर्रुखाबाद, आगरा और जौनपुर जैसे जिले भी शामिल हैं। इसके अलावा बलिया, कौशांबी, पीलीभीत, मेरठ, कासगंज, चंदौली, बिजनौर, देवरिया और मुजफ्फरनगर में भी नए DIOS तैनात किए गए हैं। विभागीय स्तर पर भी कुछ अहम बदलाव हुए हैं। ओम प्रकाश त्रिपाठी को संस्कृत शिक्षा परिषद लखनऊ का सचिव बनाया गया है, जबकि स्कंद शुक्ल को माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज में अपर सचिव (पाठ्य पुस्तक) की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
स्वास्थ्य विभाग में भी बदली गई कमान
शिक्षा विभाग के साथ स्वास्थ्य विभाग में भी बड़े स्तर पर तबादले किए गए हैं। सरकार ने 21 जिलों के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को नई तैनाती दी है। सबसे ज्यादा नजरें वाराणसी पर हैं, जहां डॉ. मुकेश कुमार को नया CMO बनाया गया है। गाजियाबाद में डॉ. सचिन चंद्र वैश्य को जिम्मेदारी दी गई है, जबकि अंबेडकर नगर में डॉ. प्रमोद कुमार को स्वास्थ्य विभाग की कमान सौंपी गई है। सरकार का मानना है कि नए अधिकारियों की तैनाती से स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी और योजनाओं के क्रियान्वयन में सुधार आएगा।
इन जिलों को मिले नए CMO
नई सूची के अनुसार जालौन, सोनभद्र, बाराबंकी, उन्नाव, बलिया, हमीरपुर, फतेहपुर, हापुड़ और जौनपुर में भी नए मुख्य चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा मऊ, पीलीभीत, अमरोहा, अलीगढ़, कन्नौज, महोबा, हाथरस और सीतापुर में भी स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नए अधिकारियों को सौंपी गई है। वहीं डॉ. नीरज त्यागी को संयुक्त निदेशक (JD) आगरा बनाया गया है।
सरकार के फैसले के क्या मायने हैं
लोकसभा चुनाव और आगामी प्रशासनिक चुनौतियों के बीच हुए इस फेरबदल को सरकार की कार्यप्रणाली में कसावट लाने की कवायद माना जा रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य दोनों ऐसे विभाग हैं जिनका सीधा असर आम जनता पर पड़ता है। ऐसे में नए अधिकारियों के सामने स्कूलों की व्यवस्था बेहतर बनाने, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और सरकारी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने की बड़ी जिम्मेदारी होगी। आने वाले महीनों में इन नियुक्तियों का असर जिलों के प्रशासनिक प्रदर्शन पर भी देखने को मिल सकता है।