यूपी में 81 हजार से ज्यादा पुलिस भर्ती का ऐलान, SI-Constable सहित कई पदों पर नियुक्ति, पारदर्शिता और तकनीक पर जोर।
लखनऊ। रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के साथ सरकार अब बड़े पैमाने पर भर्ती की तैयारी में है। इस ऐलान ने लाखों उम्मीदवारों के बीच नई उम्मीद जगा दी है।
81 हजार से अधिक पदों पर भर्ती का रास्ता साफ
उत्तर प्रदेश में पुलिस विभाग में बड़े स्तर पर भर्तियां होने जा रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में 81,000 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती का ऐलान किया। इन पदों में उपनिरीक्षक (SI), कॉन्स्टेबल (Constable), रेडियो सहायक परिचालक, कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-ए और गोपनीय श्रेणी के पद शामिल हैं।
पारदर्शिता और आरक्षण पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड को साफ निर्देश दिए हैं कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो और आरक्षण नियमों का सख्ती से पालन किया जाए। सरकार का फोकस इस बार सिर्फ भर्ती पर नहीं, बल्कि निष्पक्षता और विश्वास बनाए रखने पर भी है।
तकनीक आधारित पुलिसिंग पर जोर
प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए तकनीक का दायरा बढ़ाया जाएगा। डेटा आधारित पेट्रोलिंग और स्मार्ट मॉनिटरिंग सिस्टम को बढ़ावा देने की योजना है, जिससे अपराध नियंत्रण और तेज हो सके।
PRV रिस्पांस टाइम और कम करने का लक्ष्य
फिलहाल पुलिस रिस्पांस व्हीकल (PRV) का औसत रिस्पांस टाइम करीब 6 मिनट है। सरकार ने इसे और कम करने का लक्ष्य तय किया है। ताकि आपात स्थिति में पुलिस और तेजी से मौके पर पहुंच सके। साथ ही संवेदनशील जगहों पर बदलाव और फायर सिस्टम मजबूत किया जाएगा। इसमें राजभवन, सीएम आवास और पुलिस मुख्यालय जैसे संवेदनशील स्थानों पर लंबे समय से तैनात पुलिसकर्मियों के तबादले के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही ‘एक तहसील-एक फायर टेंडर’ योजना को आगे बढ़ाते हुए हर जिले में कम से कम एक हाइड्रोलिक फायर टेंडर अनिवार्य किया गया है।
साइबर सुरक्षा और फायर सर्विस में बेहतर प्रदर्शन
अधिकारियों के अनुसार, पिछले साल अग्निशमन सेवाओं ने करीब 800 करोड़ रुपए की संपत्ति बचाई। वहीं, साइबर हेल्पलाइन 1930 की सक्रियता से 425.7 करोड़ रुपए की ठगी रोकी गई। यह डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा संकेत है।