यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में AI, GST और अर्थव्यवस्था से जुड़े सवाल पूछे गए। अधिकांश अभ्यर्थियों ने पेपर को सामान्य और आसान स्तर का बताया।
लखनऊ। यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के दूसरे दिन परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली। प्रदेश के 55 केंद्रों पर आयोजित परीक्षा में सख्ती के बीच अभ्यर्थियों ने पेपर दिया। कई अभ्यर्थियों ने प्रश्न पत्र को सामान्य स्तर का बताया, हालांकि कुछ सवालों ने उन्हें जरूर उलझाया।
AI और GST से जुड़े सवालों ने खींचा ध्यान
इस बार परीक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीएसटी और अर्थव्यवस्था से जुड़े सवाल पूछे गए। खासतौर पर AI आधारित भाषा मॉडल से जुड़े प्रश्नों में अनुवाद और टेक्स्ट क्वालिटी से संबंधित पहलुओं पर सवाल शामिल थे। इसके अलावा स्मार्टफोन की बिक्री में गिरावट और 2019 से 2024 तक के आंकड़ों पर आधारित सवाल भी पूछे गए, जिसने अभ्यर्थियों का ध्यान आकर्षित किया।
अभ्यर्थियों ने पेपर को बताया आसान
अधिकांश परीक्षार्थियों ने परीक्षा के बाद कहा कि पेपर का स्तर सामान्य था और जो तैयारी की गई थी, उससे जुड़े सवाल भी आए। हालांकि करंट अफेयर्स और गणित के कुछ प्रश्नों ने उन्हें समय जरूर लगाया। कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि पेपर में संतुलन था, लेकिन जिसने नियमित अध्ययन नहीं किया होगा उसके लिए कुछ हिस्से कठिन रहे होंगे।
सुविधाओं को लेकर सामने आई समस्याएं
परीक्षा केंद्रों पर व्यवस्था को लेकर भी कुछ अभ्यर्थियों ने शिकायत की। मेंहदीगंज स्थित एक कॉलेज में परीक्षार्थियों ने बताया कि कक्ष में केवल एक पंखा चल रहा था, जिससे गर्मी के बीच परीक्षा देनी पड़ी। वहीं, कुछ केंद्रों पर पीने के पानी की कमी जैसी समस्याएं भी सामने आईं, जिससे अभ्यर्थियों को परेशानी हुई।
कड़ी सुरक्षा में हुई परीक्षा
परीक्षा के दौरान वाहनों की चाबी जमा कराने से लेकर गहन तलाशी तक की व्यवस्था की गई थी। महिला अभ्यर्थियों की भी सख्ती से जांच की गई। किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए सभी केंद्रों पर निगरानी बढ़ाई गई थी। अधिकारियों के अनुसार दूसरे दिन की परीक्षा में 45,312 अभ्यर्थी पंजीकृत थे, जिनमें से बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया।
अभ्यर्थियों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
कुछ अभ्यर्थियों ने पेपर को संतुलित और सरल बताया, जबकि कुछ ने कहा कि करंट अफेयर्स और गणित के सवालों ने उन्हें थोड़ा परेशान किया। कुल मिलाकर परीक्षा का अनुभव मिला-जुला रहा, लेकिन अधिकांश अभ्यर्थी परिणाम को लेकर आशान्वित नजर आए।