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UP Census Self Enumeration

UP में घर बैठे जनगणना शुरू… 34 सवालों का फॉर्म भरना होगा, ये गलती पड़ सकती है भारी

यूपी में जनगणना के लिए 7 मई से स्व-गणना शुरू। घर बैठे ऑनलाइन 34 सवालों का फॉर्म भरें। जानिए प्रक्रिया, जरूरी नियम और किन गलतियों से बचना है।


up में घर बैठे जनगणना शुरू… 34 सवालों का फॉर्म भरना होगा ये गलती पड़ सकती है भारी

up self enumeration begins |

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जनगणना का नया चरण शुरू होने जा रहा है। इस बार लोगों को घर बैठे खुद अपनी जानकारी भरने का मौका मिलेगा। 7 मई से स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें परिवार का मुखिया ऑनलाइन फॉर्म भर सकेगा। यह प्रक्रिया 21 मई तक चलेगी। सरकार का मकसद प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाना है, लेकिन एक छोटी सी गलती भी आगे परेशानी खड़ी कर सकती है।

कैसे भरना होगा ऑनलाइन फॉर्म

मुख्य जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा के मुताबिक, परिवार के मुखिया को Census Self Enumeration Portal पर जाकर मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होगा। लॉगिन के बाद 34 सवालों का फॉर्म भरना होगा। सवाल घर और परिवार से जुड़े होंगे और इन्हें समझना आसान रखा गया है। फॉर्म पूरा होने पर एक 11 अंकों की यूनिक आईडी मिलेगी, जिसे सुरक्षित रखना जरूरी है।

हर सदस्य को फॉर्म भरने की जरूरत नहीं

इस प्रक्रिया में हर व्यक्ति को अलग-अलग फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है। सिर्फ परिवार का मुखिया ही पूरे परिवार की जानकारी एक साथ दर्ज करेगा। उसी फॉर्म में परिवार के सभी सदस्यों की संख्या और विवरण भरे जाएंगे। इससे प्रक्रिया तेज और सरल बनेगी।

22 मई के बाद क्या होगा

 जनगणना का अगला चरण 21 मई के बाद शुरू होगा। 22 मई से जनगणना कर्मी घर-घर पहुंचेंगे। वे आपकी दी गई 11 अंकों की आईडी लेंगे और भरी गई जानकारी का सत्यापन करेंगे। सही पाए जाने पर डेटा को अंतिम रूप दिया जाएगा।

किन बातों का रखना होगा ध्यान

फॉर्म भरते समय सबसे जरूरी है कि कोई गलत जानकारी न दी जाए। यह कानूनी रूप से भी महत्वपूर्ण है। अच्छी बात यह है कि किसी भी तरह का दस्तावेज अपलोड करने की जरूरत नहीं होगी। पूरा सिस्टम भरोसे और सत्यापन पर आधारित है।

डिजिटल जनगणना का आम लोगों पर असर

यह पहली बार है जब इतनी बड़ी प्रक्रिया को डिजिटल तरीके से आसान बनाने की कोशिश की जा रही है। इससे समय की बचत होगी और लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। हालांकि जिन लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया में दिक्कत होगी, उनके लिए बाद में आने वाले जनगणना कर्मी मदद का काम करेंगे।

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