भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा केस में AIIMS टीम ने दोबारा पोस्टमॉर्टम किया। परिवार ने CBI जांच की मांग तेज की, जबकि पति समर्थ पुलिस रिमांड पर है।
भोपाल। देश के साथ प्रदेश में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की मौत का मामला लगातार उलझता जा रहा है। रविवार को दिल्ली AIIMS की चार सदस्यीय मेडिकल टीम ने ट्विशा की डेडबॉडी का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया। करीब तीन घंटे चली इस प्रक्रिया के बाद टीम कई अहम सैंपल अपने साथ लेकर दिल्ली रवाना हो गई। पोस्टमॉर्टम के दौरान अस्पताल के बाहर परिवार की बेचैनी साफ दिखाई दी। अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच घर का माहौल पूरी तरह टूट चुका था। वहीं, अर्थी सजने से पहले ट्विशा की मां खुद को संभाल नहीं सकीं और रो पड़ीं। परिवार अब इस मामले में तेज और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
दरअसल, 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में ट्विशा की संदिग्ध हालत में मौत हुई थी। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है। वहीं, मायके वालों ने पति और ससुराल पर हत्या के गंभीर आरोप लगाए हैं। मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है।
AIIMS टीम ने जुटाए अहम मेडिकल सैंपल
दूसरे पोस्टमॉर्टम के लिए दिल्ली AIIMS से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम भोपाल पहुंची थी। मेडिकल बोर्ड ने करीब तीन घंटे तक जांच की और कई जरूरी सैंपल सुरक्षित किए। टीम तीन अलग-अलग बॉक्स में सैंपल लेकर रवाना हुई है। परिवार का मानना है कि पहली मेडिकल रिपोर्ट में कई सवाल अनुत्तरित रह गए थे। इसी वजह से दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग की गई। ट्विशा के भाई मेजर हर्षित ने कहा कि सभी परिजनों की सहमति के बाद यह फैसला लिया गया। अब सबकी नजर AIIMS की फॉरेंसिक रिपोर्ट पर टिकी है, क्योंकि यही रिपोर्ट आगे जांच की दिशा तय कर सकती है।
सुप्रीम कोर्ट की एंट्री से बढ़ा केस का दबाव
मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस केस का स्वत: संज्ञान लिया है। सोमवार को चीफ जस्टिस की बेंच इस मामले पर सुनवाई करेगी। इधर मध्यप्रदेश सरकार भी दबाव में नजर आ रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मामले की जांच CBI को सौंपने पर सहमति जता दी है। ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा लगातार CBI जांच की मांग कर रहे हैं। परिवार का कहना है कि उन्हें स्थानीय जांच पर भरोसा नहीं है और सच सामने लाने के लिए केंद्रीय एजेंसी की निगरानी जरूरी है।
पति समर्थ से पुलिस की लगातार पूछताछ
ट्विशा के पति समर्थ सिंह को भोपाल जिला कोर्ट में पेश किया गया था। यहां से उसे 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया। कोर्ट ने उसका पासपोर्ट जब्त करने के भी आदेश दिए हैं। पुलिस पूछताछ में समर्थ ने दावा किया कि शादी के बाद दोनों के रिश्ते सामान्य थे। उसने बताया कि अप्रैल में ट्विशा की प्रेग्नेंसी की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद उसके व्यवहार में बदलाव आने लगा। समर्थ के मुताबिक ट्विशा घरेलू जीवन को लेकर असहज महसूस कर रही थी और दिल्ली लौटना चाहती थी। उसने यह भी कहा कि बेंगलुरु यात्रा को लेकर दोनों के बीच बहस हुई थी। हालांकि मायके पक्ष इन दावों को कहानी बताकर खारिज कर रहा है। परिवार का आरोप है कि मौत से पहले ट्विशा मानसिक दबाव में थी।
सास की जमानत रद्द कराने की तैयारी
मामले में कानूनी लड़ाई भी तेज हो गई है। भोपाल कोर्ट में ट्विशा की सास गिरिबाला की जमानत रद्द करने के लिए आवेदन दाखिल किया गया है। इस पर सोमवार को सुनवाई होगी। ट्विशा की बहन स्वाति शर्मा ने साफ कहा कि आरोपी पक्ष को परिवार से दूर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि श्मशान घाट में भी उन्हें परिवार के बीच आने नहीं दिया जाएगा। हालांकि ट्विशा के भाई आशीष शर्मा ने कहा कि अंतिम संस्कार कोई निमंत्रण वाला कार्यक्रम नहीं होता। जो आना चाहे, वह आ सकता है।
भोपाल से दिल्ली तक चर्चा में बना मामला
रिटायर्ड जज के परिवार से जुड़ा यह मामला अब सिर्फ एक संदिग्ध मौत की जांच नहीं रह गया है। इसमें न्याय व्यवस्था, फॉरेंसिक जांच और महिलाओं की सुरक्षा जैसे सवाल भी जुड़ गए हैं। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इस केस पर चर्चा तेज है। AIIMS रिपोर्ट, सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और संभावित CBI जांच आने वाले दिनों में इस पूरे मामले की दिशा बदल सकती है।