भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा का 12 दिन बाद अंतिम संस्कार किया गया। दिल्ली AIIMS टीम ने दोबारा पोस्टमॉर्टम किया, जबकि केस पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी।
भोपाल। शहर के सबसे चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले ने रविवार को एक और भावुक मोड़ ले लिया। संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के 12 दिन बाद एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार भदभदा श्मशान घाट में किया गया। अंतिम विदाई के दौरान परिवार का दर्द खुलकर सामने आया। ट्विशा के भाई मेजर हर्षित ने उन्हें मुखाग्नि दी। श्मशान घाट पर मां और परिजन लगातार रोते रहे।
पूरे घटनाक्रम ने इस मामले की संवेदनशीलता और बढ़ा दी है, क्योंकि मौत को लेकर अब भी कई सवाल बने हुए हैं। इससे पहले दिल्ली AIIMS की फॉरेंसिक टीम ने भोपाल पहुंचकर ट्विशा की डेडबॉडी का दोबारा पोस्टमॉर्टम किया। करीब तीन घंटे चली प्रक्रिया के बाद टीम जरूरी सैंपल और दस्तावेज अपने साथ लेकर रवाना हो गई। इसके बाद नम आंखों से विदाई दी गई।
दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट पर टिकी जांच
नई दिल्ली AIIMS के फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. सुधीर कुमार गुप्ता ने बताया कि अंतिम रिपोर्ट आने में अभी समय लगेगा। उन्होंने कहा कि हिस्टोपैथोलॉजी और विसरा जांच जैसी कई लैब टेस्ट बाकी हैं। डॉक्टरों की टीम फोटो, वीडियो और मेडिकल निष्कर्षों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। परिवार और जांच एजेंसियों की नजर अब इसी रिपोर्ट पर टिकी है, क्योंकि इससे मौत की असली वजह को लेकर कई सवालों के जवाब मिलने की उम्मीद है।
सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वत: संज्ञान
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस केस का स्वत: संज्ञान लिया है। सोमवार को चीफ जस्टिस की बेंच में इस पर सुनवाई होनी है। इधर मध्यप्रदेश सरकार भी मामले को लेकर दबाव में दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही जांच CBI को सौंपने पर सहमति दे चुके हैं। भोपाल कोर्ट में ट्विशा की सास गिरिबाला की जमानत रद्द करने की मांग को लेकर भी आवेदन दायर किया गया है, जिस पर सोमवार को सुनवाई होगी।
पति समर्थ सिंह पुलिस रिमांड पर
ट्विशा के पति समर्थ सिंह फिलहाल सात दिन की पुलिस रिमांड पर हैं। पूछताछ में उन्होंने दावा किया कि शादी के बाद दोनों के रिश्ते सामान्य थे। समर्थ के मुताबिक प्रेग्नेंसी की पुष्टि होने के बाद ट्विशा के व्यवहार में बदलाव आने लगा था। उसने पुलिस को बताया कि ट्विशा ग्लैमर इंडस्ट्री और घरेलू जीवन के बीच खुद को असहज महसूस करती थी। उसने कहा कि घटना वाले दिन दोनों ने साथ समय बिताया था। बाद में परिवार ने ट्विशा को छत पर फंदे से लटका पाया। समर्थ का दावा है कि उन्होंने उसे बचाने की कोशिश की और अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस को बयान पर पूरा भरोसा नहीं
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी खुद को बचाने के लिए भ्रामक या अधूरी जानकारी दे सकता है। इसलिए हर बयान का तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है। जांच टीम घटना वाले दिन की टाइमलाइन, कॉल रिकॉर्ड, मेडिकल रिपोर्ट और परिवार के बयानों को भी खंगाल रही है। मायके पक्ष लगातार इसे हत्या का मामला बता रहा है, जबकि ससुराल पक्ष आत्महत्या की बात पर कायम है। इसी विरोधाभास ने इस केस को हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील बना दिया है। अब सबकी नजर AIIMS की रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर है, जो इस मामले की जांच की दिशा तय कर सकती है।