ट्विशा शर्मा मौत मामले में समर्थ और गिरिबाला की रिमांड समाप्त होने पर आज CBI उन्हें कोर्ट में पेश करेगी। जांच में नए साक्ष्य और रीक्रिएशन का उपयोग हुआ।
ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई की जांच तेज हो गई है। आरोपी पति समर्थ और सास, पूर्व जज गिरिबाला सिंह की रिमांड मंगलवार को समाप्त हो रही है। दोनों को कोर्ट में पेश किया जा सकता है। पूछताछ के दौरान दोनों ने ट्विशा के साथ मारपीट और साक्ष्यों से छेड़छाड़ के आरोपों से इनकार किया है। सीबीआई उनके बयानों का उपलब्ध साक्ष्यों से मिलान कर रही है।
घटनास्थल पर किया गया रीक्रिएशन
सीबीआई ने सोमवार को दोनों आरोपियों को लेकर घटनास्थल पर पूरे घटनाक्रम का रीक्रिएशन किया। जांच टीम ने करीब 80 किलो वजन की डमी का इस्तेमाल कर यह समझने की कोशिश की कि ट्विशा फंदे पर कैसे लटकी मिली थीं। इस दौरान जब्त किए गए साक्ष्यों का भी परीक्षण किया गया।
लिगेचर बेल्ट को लेकर बढ़ा विवाद
जांच में यह तथ्य सामने आया है कि फांसी में इस्तेमाल हुई लिगेचर बेल्ट को घटनास्थल से जब्त करने के बाद नियमानुसार सुरक्षित नहीं रखा गया। आरोप है कि तत्कालीन जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर दिनेश शर्मा इसे करीब दो दिन तक अपनी कार में रखते रहे। बाद में इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया। इस लापरवाही ने शुरुआती जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
एसआई दिनेश शर्मा से भी पूछताछ की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई अब तत्कालीन जांच अधिकारी दिनेश शर्मा को भी नोटिस जारी कर पूछताछ कर सकती है। एजेंसी मामले से जुड़े अन्य लोगों को भी तलब करने की तैयारी में है। जांचकर्ताओं का मानना है कि शुरुआती स्तर पर हुई चूक ने मामले की दिशा प्रभावित की।
आर्थिक और पारिवारिक पहलुओं की भी जांच
सीबीआई यह भी जांच कर रही है कि क्या ट्विशा किसी आर्थिक या मानसिक तनाव से गुजर रही थीं। जांच में सामने आया है कि जिस कंपनी में वह कार्यरत थीं, वहां से उन्हें पिछले छह-सात महीनों से नियमित वेतन नहीं मिला था। एजेंसी पारिवारिक संबंधों, आर्थिक स्थिति और अन्य परिस्थितियों को भी जांच के दायरे में रख रही है।