भारत-नेपाल सीमा के सोनौली क्षेत्र में पुलिस चौकी के ठीक बगल में नेपाली मोबाइल सिम कार्ड की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है।
Nepali mobile SIM: सोनौली पुलिस चौकी के बगल में नेपाली मोबाइल सिम का खेल, दुरुपयोग का आरोप |
राजेश जायसवाल, महराजगंज: भारत-नेपाल सीमा के सोनौली क्षेत्र में पुलिस चौकी के ठीक बगल में नेपाली मोबाइल सिम कार्ड की बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, किराने की दुकान के पास बैठकर एक नेपाली नागरिक भारत से नेपाल जाने वाले यात्रियों को नेपाली मोबाइल सिम कार्ड बेच रहा है। सबसे गंभीर बात यह है कि यह गतिविधि पुलिस चौकी के बिल्कुल नजदीक होने के बावजूद कथित रूप से जारी है।
पहचान पत्रों का दुरुपयोग
सूत्रों का दावा है कि सिम बेचने वाले व्यक्ति द्वारा एक ही व्यक्ति के पहचान पत्र का इस्तेमाल कर कई नेपाली सिम कार्ड निकलवाकर उन्हें एक्टिवेट किया जाता है। इसके बाद कथित तौर पर बिना पहचान पत्र वाले लोगों को भी ये मोबाइल सिम महंगे दामों पर बेचे जाते हैं। इस पूरे मामले में भारतीय क्षेत्र के कुछ दुकानदारों की भूमिका होने की बात भी सामने आ रही है। सीमा क्षेत्र होने के कारण नेपाली सिम कार्ड की बिक्री और उनके एक्टिवेशन की प्रक्रिया सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। यदि एक ही पहचान पत्र पर कई सिम जारी कर उन्हें दूसरे व्यक्तियों को बेचा जा रहा है, तो इससे सिम के वास्तविक उपयोगकर्ता की पहचान को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो सकते हैं।
हो रही खुलेआम सिम की बिक्री
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस चौकी के समीप इस तरह खुलेआम सिम की बिक्री होना अपने आप में जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर यह पता लगाने की मांग की है कि नेपाली सिम कार्ड कहां से प्राप्त किए जा रहे हैं, किस पहचान पत्र पर कितने सिम जारी हुए हैं और उन्हें किन लोगों को बेचा जा रहा है। अब देखना होगा कि सीमा सुरक्षा और स्थानीय पुलिस इस मामले की जांच कर सिम बिक्री की वैधता, पहचान पत्रों के इस्तेमाल तथा इसमें शामिल लोगों की भूमिका को लेकर क्या कार्रवाई करती है।