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TET विरोध पर कार्रवाई, कौशल का अटैचमेंट खत्म

TET विरोध के बाद बड़ी कार्रवाई! शिक्षक नेता उपेंद्र कौशल का अटैचमेंट खत्म

भोपाल में TET अनिवार्यता के विरोध के बाद शिक्षक संगठन के पदाधिकारी उपेंद्र कौशल का अटैचमेंट खत्म कर दिया गया। संगठन ने इसे बदले की कार्रवाई बताया है।


tet विरोध के बाद बड़ी कार्रवाई शिक्षक नेता उपेंद्र कौशल का अटैचमेंट खत्म

मध्य प्रदेश में टीईटी (Teacher Eligibility Test) की अनिवार्यता को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच अब प्रशासनिक कार्रवाई भी शुरू हो गई है,भोपाल में आंदोलन करने वाले शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी उपेंद्र कौशल का अटैचमेंट समाप्त कर दिया गया है इस कार्रवाई के बाद शिक्षक संगठनों में नाराजगी बढ़ गई है। संगठन के नेताओं ने इसे आंदोलन दबाने और बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया है।

भेल दशहरा मैदान में हुआ था बड़ा प्रदर्शन

करीब 10 दिन पहले राजधानी भोपाल के भेल दशहरा मैदान में 13 शिक्षक संगठनों ने संयुक्त धरना प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षकों ने हिस्सा लेकर टीईटी की अनिवार्यता का विरोध किया था शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों पर दोबारा टीईटी लागू करना उचित नहीं है प्रदर्शन के दौरान सरकार से नियमों में बदलाव की मांग भी की गई थी।

उपेंद्र कौशल पर हुई पहली बड़ी कार्रवाई

धरने के बाद अब शासकीय शिक्षक संगठन के कार्यकारी अध्यक्ष उपेंद्र कौशल का अटैचमेंट समाप्त कर दिया गया है। इसे आंदोलन के बाद की पहली बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई माना जा रहा है, हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इस फैसले को लेकर विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

शिक्षक संगठन ने क्या कहा?

शिक्षक संगठन के पदाधिकारियों का आरोप है कि सरकार आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले नेताओं को निशाना बना रही है. संगठन का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग रखने पर यदि इस तरह की कार्रवाई की जाती है, तो इससे शिक्षकों में असंतोष और बढ़ेगा। नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि कार्रवाई वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

क्यों हो रहा है TET का विरोध?

टीईटी यानी टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट को लेकर प्रदेश के कई शिक्षक संगठन लगातार विरोध जता रहे हैं। उनका तर्क है कि वर्षों से कार्यरत शिक्षकों को दोबारा पात्रता परीक्षा के दायरे में लाना व्यावहारिक नहीं है शिक्षकों का कहना है कि अनुभव और सेवा अवधि को भी महत्व दिया जाना चाहिए। वहीं सरकार शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता सुधार के लिए पात्रता मानकों को जरूरी बता रही है।

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