Breaking News
  • भारत फिर बना टी20 किंग:इतिहास रचते हुए भारत तीसरी बार टी20 वर्ल्ड चैंपियन
  • International Women’s Day Special: भोपाल से बिलासपुर तक दौड़ी ‘नारी शक्ति’ की ट्रेन
  • क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी: 28 मार्च से शुरू होगा IPL 2026, शेड्यूल में बदलाव
  • हाई कोर्ट का अहम फैसला: हिंदू रीति अपनाने वाले आदिवासी भी हिंदू विवाह अधिनियम के दायरे में
  • इंडिया की टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में धुंआधार बैटिंग, 12 ओवर में 1 विकेट के नुकसान पर 161
  • T20 वर्ल्ड कप फाइनलः न्यूज़ीलैंड ने टॉस जीतकर फील्डिंग चुनी, भारत की पहले बैटिंग
  • केरल में विदेशी जहाज से टक्कर के बाद मछुआरों की नाव डूबी, 2 लापता
  • 1 से 7 मार्च 2026 के बीच 52,000 से ज्यादा भारतीय सुरक्षित रूप से खाड़ी देशों से भारत लौटे
  • इजराइल ने ईरानी तेल ठिकानों पर मिसाइलें गिराईं: 3 डिपो और 30 फ्यूल टैंक तबाह, ईरान ने 5 देशों पर हमले किए

होम > प्रदेश > मध्य प्रदेश

Smart Meters Boost Revenue by ₹692 Crore in Bhopal

स्मार्ट मीटर से बदली बिजली की तस्वीर, भोपाल-जबलपुर संभाग में 692 करोड़ का फायदा

स्मार्ट मीटर से भोपाल और जबलपुर संभाग में 692 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व। विधानसभा में ऊर्जा मंत्री ने गिनाए फायदे, शिकायतों पर भी दी जानकारी


स्मार्ट मीटर से बदली बिजली की तस्वीर भोपाल-जबलपुर संभाग में 692 करोड़ का फायदा

विधानसभा में ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि भोपाल और जबलपुर संभागों में स्मार्ट मीटर लगने के बाद न केवल बिजली चोरी के मामलों में कमी आई है, बल्कि 692 करोड़ रुपये के राजस्व की बढ़ोतरी भी हुई है। यह जानकारी उन्होंने भोपाल उत्तर सीट से कांग्रेस विधायक आतिफ अकील द्वारा स्मार्ट मीटर को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में दी।

शिकायतों में इजाफा, फिर भी बढ़ी बिजली विभाग की आमदनी

जहां एक ओर स्मार्ट मीटर से राजस्व में बढ़ोतरी हुई है, वहीं दूसरी ओर उपभोक्ताओं की शिकायतों में भी लगातार इजाफा देखने को मिला है।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, स्मार्ट मीटर लगाए जाने से दोनों संभागों की बिलिंग दक्षता में बड़ा सुधार हुआ है। जबलपुर संभाग में बिलिंग एफिशिएंसी 73.77 प्रतिशत से बढ़कर 82.16 प्रतिशत हो गई है, जिससे राजस्व में 314 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। वहीं भोपाल संभाग में बिलिंग दक्षता 76.86 प्रतिशत से बढ़कर 81.57 प्रतिशत पर पहुंच गई, जिससे राजस्व संग्रहण में 378 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई। कुल मिलाकर स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली से सरकार को इन दोनों संभागों से 692 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है। हालांकि, उपभोक्ताओं की ओर से मुख्य रूप से फास्ट रीडिंग और बिजली बिल ज्यादा आने की शिकायतें सामने आई हैं।

स्मार्ट मीटर लगाने का काम लगातार जारी

संभागवार प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, गैर-कृषि उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। जबलपुर संभाग में कुल 26.55 लाख उपभोक्ताओं में से लगभग 50 प्रतिशत यानी 7.86 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। जबलपुर जिले में 45 प्रतिशत और नरसिंहपुर जिले में 57 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।वहीं भोपाल संभाग में कुल 16.84 लाख उपभोक्ताओं में से 30 प्रतिशत यानी 5.09 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं।

शिकायतों का निपटारा भी तेज

जबलपुर संभाग में वर्ष 2023 से अब तक कुल 55,822 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 55,736 शिकायतों का निराकरण कर दिया गया है, जबकि 86 शिकायतें अभी लंबित हैं। भोपाल संभाग में अब तक 2,102 शिकायतें दर्ज की गई हैं, जिनमें से 2,062 का निपटारा हो चुका है और 40 शिकायतें लंबित हैं।

इसलिए लगाए जा रहे हैं स्मार्ट मीटर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर Central Electricity Authority (सीईए) की 2019 की अधिसूचना और मध्यप्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता-2021 के दिशा-निर्देशों के तहत लगाए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य पारदर्शी बिलिंग, सटीक ऊर्जा लेखांकन और मानवीय हस्तक्षेप को कम करना है। नियमों के अनुसार अब सभी नए बिजली कनेक्शन प्री-पेमेंट स्मार्ट मीटर के साथ ही दिए जा रहे हैं।

मीटर बदलने पर भी हुआ बड़ा खर्च

इलेक्ट्रॉनिक मीटरों को स्मार्ट मीटरों में बदलने की प्रक्रिया पर भी करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार, जबलपुर संभाग में अब तक 143.73 करोड़ रुपये और भोपाल संभाग में 7.95 करोड़ रुपये विभिन्न कार्यों पर खर्च किए गए हैं।

जबलपुर संभाग में सबसे ज्यादा शिकायतें

भोपाल और जबलपुर संभागों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद मुख्य रूप से ‘बिजली बिल अधिक आने’ और ‘मीटर की फास्ट रीडिंग’ से जुड़ी शिकायतें दर्ज की गई हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो जबलपुर संभाग में शिकायतों की संख्या सबसे अधिक रही है। वर्ष 2023-24 में यहां 6,099 शिकायतें प्राप्त हुई थीं, जो 2024-25 में बढ़कर 31,059 तक पहुंच गईं।