शिवपुरी में जल संकट गहराता जा रहा है। लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं, जबकि हवाई पट्टी क्षेत्र में रेत धोने में लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।
राजेंद्र जैन
शिवपुरी में गर्मी बढ़ने के साथ जल संकट भी गहराता जा रहा है। शहर के कई इलाकों में लोग पीने के पानी के लिए परेशान हैं, कहीं महिलाएं रातभर जागकर पानी भरने को मजबूर हैं, तो कहीं लोग टैंकरों के पीछे भागते नजर आ रहे हैं. लेकिन इसी बीच शहर में पानी की बर्बादी की तस्वीरें भी सामने आ रही हैं, जिसने लोगों का गुस्सा और बढ़ा दिया है।
हवाई पट्टी क्षेत्र में रोजाना रेत से भरे डंपरों को धोने में लाखों लीटर पानी बहाया जा रहा है। यही सवाल अब लोगों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा में है कि जब आम नागरिक बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहा है, तब आखिर इतनी बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद कैसे होने दिया जा रहा है?
हवाई पट्टी क्षेत्र में पानी की खुलेआम बर्बादी
स्थानीय लोगों के मुताबिक हवाई पट्टी इलाके में प्रतिदिन बड़ी संख्या में रेत से भरे डंपर पहुंचते हैं। इन डंपरों को साफ करने और रेत धोने के लिए भारी मात्रा में पानी इस्तेमाल किया जा रहा है।

दरअसल, भीषण गर्मी के बीच यह दृश्य लोगों को और परेशान कर रहा है। एक तरफ घरों में पानी की सप्लाई नहीं पहुंच रही, दूसरी तरफ खुलेआम पानी बहता दिखाई दे रहा है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की नजरों के सामने यह सब हो रहा है, लेकिन कार्रवाई कहीं नजर नहीं आती।
सिंध जलावर्धन योजना पर फिर उठे सवाल
शिवपुरी शहर में जल संकट दूर करने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर सिंध जलावर्धन योजना लागू की गई थी। दावा किया गया था कि इससे शहर में नियमित पानी सप्लाई होगी, लेकिन जमीनी हालात अलग कहानी बयां कर रहे हैं।
आए दिन पाइपलाइन फूटने, मोटर खराब होने और तकनीकी खामियों की शिकायतें सामने आती रहती हैं। स्थिति यह है कि पूरे महीने में मुश्किल से 8 से 10 दिन ही सिंध का पानी लोगों तक पहुंच पा रहा है।
बाकी दिनों में लोगों को निजी टैंकरों या अन्य साधनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
रातभर जाग रहे लोग, महिलाओं की बढ़ी परेशानी
शहर के कई वार्डों में पानी सप्लाई का कोई तय समय नहीं है। कभी देर रात पानी छोड़ा जाता है तो कभी सुबह-सुबह। ऐसे में लोग रातभर जागकर पानी भरने को मजबूर हैं।
महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई परिवारों का कहना है कि दिनभर की गर्मी के बाद भी उन्हें रात में पानी के इंतजार में जागना पड़ता है यही वजह है कि अब लोगों में नाराजगी लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठ रहे सवाल
जल संकट के बीच हवाई पट्टी क्षेत्र में हो रही पानी की बर्बादी पर अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं हुई है। इसे लेकर लोगों में प्रशासन के खिलाफ नाराजगी साफ दिखाई दे रही है।
स्थानीय नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि जब शहर में पीने के पानी का संकट है, तब आखिर किसकी अनुमति से लाखों लीटर पानी रेत धोने में इस्तेमाल किया जा रहा है?
अब समझिए… यह सिर्फ पानी की कमी का मामला नहीं रह गया है। यह शहर में जल प्रबंधन और जिम्मेदारी तय करने का बड़ा सवाल बन चुका है।
बढ़ती गर्मी के बीच और गंभीर हो सकता है संकट
मई-जून की तेज गर्मी अभी बाकी है। ऐसे में यदि जल प्रबंधन पर तुरंत ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
शहरवासियों का कहना है कि जरूरत सिर्फ योजनाएं बनाने की नहीं, बल्कि जमीन पर सख्ती से उन्हें लागू करने की है। क्योंकि फिलहाल शिवपुरी में एक तरफ लोग प्यास से परेशान हैं और दूसरी तरफ पानी खुलेआम बहाया जा रहा है।