सिवनी के दुकली गांव में खेत का कुआं अचानक धंसने से बड़ा हादसा हो गया। मलबे में दबी तीन महिलाओं में बुजुर्ग को बचा लिया गया, जबकि मां और बेटी की जान नहीं बच सकी।
सिवनी। मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के एक गांव में सोमवार को हादसा हुआ। इसने पूरे इलाके को झकझोर दिया। खेत में बने एक कुएं के पास काम कर रही एक ही परिवार की तीन महिलाएं अचानक मिट्टी धंसने की चपेट में आ गईं। देखते ही देखते पूरा इलाका अफरा-तफरी और चीख-पुकार से गूंज उठा। घटना बंडोल थाना क्षेत्र के दुकली गांव की है। हादसे के समय नानी, उनकी बेटी और नातिन कुएं के पास मौजूद थीं। अचानक कुएं के आसपास की मिट्टी भरभराकर गिर गई और तीनों भारी मलबे के नीचे दब गईं।
सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने राहत कार्य शुरू किया और कुछ ही देर में प्रशासनिक अमला भी मौके पर पहुंच गया। इसके बाद घंटों तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन पूरे गांव की चिंता का केंद्र बना रहा।
बुजुर्ग महिला को समय रहते निकाला गया
हादसे के बाद सबसे पहले 75 वर्षीय समानिया बाई जंघेला तक राहत दल पहुंचा। ग्रामीणों और बचावकर्मियों की मदद से उन्हें मलबे से बाहर निकाल लिया गया। घायल अवस्था में उन्हें तत्काल जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है। उनकी जान बच जाने से राहत जरूर मिली, लेकिन परिवार की बाकी दो महिलाओं को लेकर चिंता बनी रही।
घंटों चला रेस्क्यू अभियान
मलबे की गहराई और लगातार खिसक रही मिट्टी के कारण बचाव कार्य आसान नहीं था। प्रशासन ने मौके पर दो जेसीबी मशीनें लगाईं और कई घंटों तक लगातार खुदाई कराई। स्थानीय लोग भी देर रात तक घटनास्थल पर डटे रहे। हर किसी को उम्मीद थी कि मां और बेटी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा, लेकिन समय बीतने के साथ हालात गंभीर होते चले गए।
रात में मिले मां और बेटी के शव
लंबे इंतजार के बाद रात करीब एक बजे 41 वर्षीय अनुसुइया जंघेला का शव मलबे से बाहर निकाला गया। इसके कुछ समय बाद उनकी 17 वर्षीय बेटी स्वाति जंघेला का शव भी बरामद हुआ। दोनों के शव मिलने की खबर से गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और मौके पर मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
कुएं की स्थिति पर उठे सवाल
प्रारंभिक जांच में अधिकारियों ने आशंका जताई है कि कुएं के आसपास की मिट्टी कमजोर हो चुकी थी। हाल के मौसमीय बदलावों और जमीन की नमी ने भी हादसे में भूमिका निभाई हो सकती है। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दुर्घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय हो सकेगा कि हादसा प्राकृतिक कारणों से हुआ या कुएं की संरचना में कोई कमी थी।
गांव में पसरा मातम
सोमवार की दोपहर शुरू हुआ यह हादसा देर रात तक पूरे गांव की चिंता बना रहा। जिन लोगों ने रेस्क्यू अभियान को करीब से देखा, उनके लिए यह घटना लंबे समय तक याद रहने वाली है। एक ही परिवार की मां और बेटी की मौत ने दुकली गांव को गहरे सदमे में डाल दिया है। वहीं बुजुर्ग महिला के बच जाने को ग्रामीण इस दर्दनाक हादसे के बीच एकमात्र राहत मान रहे हैं।