अयोध्या। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रांतीय खंड में सड़क मरम्मत के नाम पर बड़े वित्तीय खेल के आरोप सामने आए हैं। मामला तारुन ब्लॉक की उस सड़क का है, जिसे अलग-अलग नाम देकर दो बार धनराशि...
समीर शाही, अयोध्या: अयोध्या। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के प्रांतीय खंड में सड़क मरम्मत के नाम पर बड़े वित्तीय खेल के आरोप सामने आए हैं। मामला तारुन ब्लॉक की उस सड़क का है, जिसे अलग-अलग नाम देकर दो बार धनराशि स्वीकृत कर लगभग 75 लाख रुपये खर्च दिखाने का आरोप लगाया गया है।
दो अलग-अलग नामों से अभिलेखों में दर्ज
आरोप है कि 'सुबेटहा–घूरीटीकर–रामपुरभगन' मार्ग से जुड़ी वनकटवा संपर्क सड़क को दो अलग-अलग नामों से अभिलेखों में दर्ज किया गया। पहली बार 25 मार्च 2021 को 35.95 लाख रुपये विशेष मरम्मत के लिए स्वीकृत हुए, जबकि दूसरी बार 16 मार्च 2026 को 40.25 लाख रुपये नवीनीकरण के नाम पर जारी कर दिए गए।
विभाग पर उठे सवाल
हैरानी की बात यह है कि संबंधित सड़क ग्रामीण अभियंत्रण विभाग (आरईडी) द्वारा 22 अप्रैल 2022 को प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित बताई जा रही है और अप्रैल 2027 तक उसके अनुरक्षण की जिम्मेदारी भी आरईडी की है। ऐसे में पीडब्ल्यूडी द्वारा उसी सड़क पर मरम्मत का बजट स्वीकृत कराने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
आरोपों के घेरे में कौन?
आरोपों के घेरे में सहायक अभियंता राहुल राय और अवर अभियंता कृष्ण गोपाल चंद्र भी हैं। उनसे व्हाट्सएप के माध्यम से पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ। उनका पक्ष मिलने पर प्रकाशित किया जाएगा। इसी तरह जगदीशपुर- केवटहिया और नागपाली सड़क से जुड़े मामलों में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए जा रहे हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह केवल कागजी मरम्मत नहीं, बल्कि सरकारी धन के सुनियोजित दुरुपयोग का मामला हो सकता है।