बिलासपुर के सरकंडा में प्रार्थना सभा की आड़ में कनवर्जन का आरोप, हिंदू संगठनों का हंगामा। पुलिस ने सभा बंद कराई, SSP के निर्देश पर मामले की जांच जारी
बिलासपुर के सरकंडा इलाके में उस वक्त हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक मकान में चल रही प्रार्थना सभा को लेकर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि बीमारी ठीक करने और स्वास्थ्य लाभ का झांसा देकर महिलाओं और युवक-युवतियों को एकत्र किया गया, और फिर धर्म परिवर्तन के लिए उकसाया जा रहा था.मामला बढ़ता देख आसपास के लोग भी जमा हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और प्रार्थना सभा को बंद कराया गया।
बीमारी ठीक करने के नाम पर जुटाई गई भीड़
हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को बताया कि सरकंडा थाना क्षेत्र के पुराना सरकंडा माताचौरा के पास शुक्रवार दोपहर एक मकान में प्रार्थना सभा आयोजित की गई थी. इस सभा में करीब 30 से 35 महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल थे.कार्यकर्ताओं का आरोप है कि पास्टर द्वारा हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ भड़काने वाली बातें कही जा रही थीं, और झाड़-फूंक व चमत्कार के जरिए बीमारी ठीक करने का दावा कर लोगों को कनवर्जन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
हिंदू संगठनों का विरोध प्रदर्शन
सभा की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और जमकर विरोध किया। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से क्षेत्र की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए तनाव जैसी स्थिति भी बन गई, हालांकि पुलिस की मौजूदगी से हालात काबू में रहे। हिंदू संगठनों ने प्रशासन से पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके और क्षेत्र में शांति व आपसी सौहार्द बना रहे।
कनवर्जन पर कड़ी निगरानी
इस पूरे मामले पर सरकंडा पुलिस का कहना है कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही कनवर्जन की शिकायतों को लेकर सतर्कता बढ़ाई गई है. पुलिस के अनुसार रजनेश सिंह के निर्देश पर इस तरह की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को खंगाला जा रहा है।