भोपाल के पीपुल्स कॉलेज में रेडक्रॉस सप्ताह के तहत पंच प्रण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। युवाओं को पर्यावरण, जल संरक्षण और नशा मुक्ति को लेकर जागरूक किया गया।
भोपाल के पीपुल्स कॉलेज में मंगलवार को रेडक्रॉस सप्ताह के तहत युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, मध्य प्रदेश शाखा की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में 'पंच प्रण – पर्यावरण संरक्षण, पालीथीन मुक्त भारत, जल संरक्षण एवं नशा मुक्त भारत' विषय पर विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया।
कार्यक्रम का केंद्र युवाओं को सिर्फ पढ़ाई तक सीमित न रखकर समाज और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना रहा। कॉलेज सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया और सामाजिक मुद्दों पर अपनी जिम्मेदारी को समझने का प्रयास किया। रेडक्रॉस सप्ताह के दौरान आयोजित इस पहल को युवाओं में सकारात्मक सोच और सेवा भावना विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलन कर की शुरूआत
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस दौरान भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी राज्य शाखा मध्य प्रदेश के जनरल सेक्रेटरी रामेंद्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं, पीपुल्स कॉलेज के डायरेक्टर अंकित द्विवेदी और डीन प्रमिला कुलकर्णी ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। शुरुआत में विद्यार्थियों को रेडक्रॉस सोसायटी के इतिहास, स्थापना और सेवा कार्यों से जुड़ी प्रस्तुति दिखाई गई। स्क्रीन पर दिखाई गई प्रेरणादायक पीपीटी के जरिए छात्रों को बताया गया कि आपदा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में रेडक्रॉस किस तरह लगातार काम करता है।
युवाओं को दिया सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
मुख्य अतिथि रामेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि युवा सिर्फ देश का भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान की सबसे बड़ी ताकत हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, सकारात्मक सोच और सेवा भावना अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कुटुंब प्रबोधन पर भी बात की और कहा कि मजबूत समाज की शुरुआत परिवार से होती है। युवाओं को अपने आसपास के लोगों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए और सामाजिक बदलाव में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उनके संबोधन के दौरान पर्यावरण संरक्षण और नशा मुक्ति जैसे मुद्दों पर विशेष जोर दिया गया।
कॉलेज परिसर से समाज तक अभियान चलाने की अपील
कार्यक्रम में छात्रों से पालीथीन मुक्त भारत, जल संरक्षण और नशा मुक्त भारत को लेकर जागरूकता फैलाने की अपील की गई। रामेंद्र सिंह ने कहा कि सिर्फ भाषणों से बदलाव नहीं आता, इसके लिए जमीन पर काम करना जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से छोटे-छोटे समूह बनाकर कॉलेज और आसपास के क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया। उनका कहना था कि अगर युवा आगे आएंगे तो समाज में बदलाव तेजी से दिखाई देगा। इस दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर व्यवहारिक कदम उठाने पर भी चर्चा हुई। छात्रों को जल बचाने और प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करने के लिए प्रेरित किया गया।
युवाओं में सेवा भावना बढ़ाने पर रहा फोकस
कार्यक्रम के अंत में कॉलेज डायरेक्टर अंकित द्विवेदी ने अतिथियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को सिर्फ जानकारी नहीं देते, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा भी देते हैं। पूरा कार्यक्रम सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करने पर केंद्रित रहा। कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि इस तरह के अभियान युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं।