उद्यान विभाग की एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के माध्यम से अकबरपुर ब्लॉक के अलावलपुर गांव के प्रगतिशील किसान रामजनम वर्मा नेट और पॉली तकनीक से खेती कर अपने पसीने की खुशबू बिखेर रहे हैं।
Poly-Net Farming: पॉली और नेट हाउस तकनीक से खेती कर रहे रामजनम वर्मा के पसीने की खुशबू |
डॉ. घनश्याम भारतीय, अंबेडकरनगर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय वृद्धि और कृषि को आधुनिक बनाने के लिए चलाई जा रही योजनाएं अब धरातल पर सकारात्मक बदलाव के साथ दिखने लगी हैं। उद्यान विभाग की एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के माध्यम से अकबरपुर ब्लॉक के अलावलपुर गांव के प्रगतिशील किसान रामजनम वर्मा नेट और पॉली तकनीक से खेती कर अपने पसीने की खुशबू बिखेर रहे हैं।
योजना से मिला 50 प्रतिशत अनुदान
पारंपरिक खेती के दौरान मौसम की अनिश्चितता, बढ़ती लागत, कीट एवं रोगों के प्रकोप तथा उत्पादन में उतार-चढ़ाव जैसी अनेक समस्याओं के बीच किसान रामजनम वर्मा का आत्मविश्वास पॉली हाउस/नेट हाउस तकनीक ने बढ़ाया। उन्होंने पहली बार दो–दो हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल में स्थापित पॉलीहाउस में गुलाब और नेट हाउस में सब्जी की खेती शुरू की। यद्यपि संरक्षित खेती के लिए प्रारंभिक निवेश सामान्य खेती की तुलना में अधिक था। परंतु उद्यान विभाग की इस योजना में 50 प्रतिशत अनुमन्य अनुदान से उनकी आर्थिक चिंता कम हो गई।
इतनी आई लागत
जिला उद्यान अधिकारी सहित अन्य विशेषज्ञों ने उन्हें बाकायदा प्रशिक्षित किया। जिसके बाद पॉली हाउस में गुलाब और नेट हाउस में खीरे की खेती प्रारंभ की। इस नई तकनीक से फसल स्वस्थ रही और गुणवत्ता भी पहले से कहीं अधिक बेहतर हुई। नतीजा यह रहा कि यह तकनीक अपनाने के बाद उनकी स्थिति पूरी तरह बदल गई। बताते हैं कि नेट हाउस की स्थापना पर लगभग 17.20 लाख रुपये की लागत आई। जिसमें 50 प्रतिशत अनुदान मिला।
क्या कहते है रामजनम वर्मा?
पहले ही उत्पादन चक्र में रामजनम वर्मा की आय पारंपरिक खेती की तुलना में अच्छी रही। आज श्री वर्मा एक सफल किसान के साथ क्षेत्र के अन्य किसानों के प्रेरणास्रोत भी बन गए हैं। वे बताते हैं कि यदि किसान सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर वैज्ञानिक पद्धति अपनाएं तो कम भूमि में भी अधिक उत्पादन और बेहतर आय अर्जित की जा सकती है। खेती में सफलता केवल अधिक मेहनत से नहीं बल्कि सही तकनीक, उचित मार्गदर्शन और समय पर सरकारी योजनाओं के लाभ से भी मिलती है।
जिला अधिकारी की अपील, लाभ लें किसान
जिलाधिकारी ईशा प्रिया ने कहा है कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को अधिक लाभकारी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक को बढ़ावा दे रही है। मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर यानी एकीकृत बागवानी विकास मिशन जैसी योजनाएं किसानों को संरक्षित खेती, उच्च गुणवत्ता के उत्पादन एवं बेहतर विपणन के अवसर उपलब्ध करा रही हैं। यदि किसान वैज्ञानिक तकनीक अपनाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ लें, तो सीमित संसाधनों में भी उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने जनपद के किसानों से उद्यान विभाग से संपर्क कर आधुनिक खेती की योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने और कृषि तंत्र को समृद्ध बनाने में सहभागी बनने की अपील की।