रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किया गया है। वे ऑपरेशन सिंदूर के दौरान वेस्टर्न एयर कमांड का नेतृत्व कर चुके हैं।
अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित प्रसिद्ध अयोध्या राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अपने पहले CEO के नाम का ऐलान कर दिया है। रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को ट्रस्ट का CEO नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही तीन नए ट्रस्टियों को भी शामिल किया गया है।
जितेंद्र मिश्र का ऑपरेशन सिंदूर से खास कनेक्शन
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र पूर्व फाइटर पायलट हैं। उन्होंने भारतीय वायुसेना में 39 साल से ज्यादा समय तक सेवा दी है। जनवरी 2025 में उन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड की जिम्मेदारी संभाली थी। कुछ ही महीनों बाद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने इस कमांड का नेतृत्व किया।
तीन नए ट्रस्टी भी बनाए गए
राम मंदिर ट्रस्ट में मदन मोहन पांडेय, महेश भागचंदका और निर्मला यादव को नए सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है। मदन मोहन पांडेय अयोध्या से हैं और हाईकोर्ट में मंदिर पक्ष के वकील रह चुके हैं। महेश भागचंदका दिल्ली से हैं और अशोक सिंघल के रिश्तेदार बताए गए हैं। निर्मला यादव शिकोहाबाद से हैं।
CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया
राम मंदिर चंदा चोरी के आरोपों के बाद पूर्व महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दिया था। इसके बाद ट्रस्ट की व्यवस्था और पारदर्शिता को बेहतर बनाने के लिए 6 जुलाई से CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू हुई थी। CEO पद के लिए कुल 5,585 आवेदन आए थे। स्क्रीनिंग कमेटी ने 16 उम्मीदवारों का इंटरव्यू लिया और तीन नामों का पैनल ट्रस्ट अध्यक्ष को सौंपा था।
CEO के पास होंगी अहम जिम्मेदारियां
राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र के मुताबिक, पेशेवर प्रशासन और पारदर्शिता के लिए CEO का पद जरूरी है। नए नियमों के तहत CEO के अधिकार और शक्तियां तय की जाएंगी। CEO ट्रस्ट के महामंत्री को रिपोर्ट करेंगे और उनके पास प्रशासनिक, वित्तीय और वैधानिक जिम्मेदारियां होंगी।
अखिलेश यादव ने उठाए सवाल
राम मंदिर ट्रस्ट में CEO की नियुक्ति पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने चंदा चोरी के आरोपों का जिक्र करते हुए उम्मीद जताई कि आगे 'राम धन' की चोरी नहीं होगी। उन्होंने अयोध्या को वर्ल्ड-क्लास सिटी के तौर पर विकसित करने की बात भी कही।